रिफाइनरी के पास अब ‘नो एंट्री’ जैसा माहौल! वीडियो-फोटो पर भी सख्त नजर..
पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सख्त करने का फैसला लिया है। रिफाइनरी के 1 किलोमीटर दायरे में जांच तेज कर दी गई है, अवैध बाजारों और कॉलोनियों पर कार्रवाई की तैयारी है। साथ ही 50 हजार से अधिक बाहरी लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है और फोटो-वीडियो बनाने पर भी रोक लगाई जा रही है। अब रिफाइनरी को हाई-सिक्योरिटी जोन में बदलने की दिशा में काम शुरू हो गया है।
बालोतरा/पचपदरा।
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में हाल ही में हुई आग की घटना के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से नए सिरे से मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि रिफाइनरी को हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में बदलने के लिए “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई जाएगी। इसका असर अब आसपास के क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है।
1 किलोमीटर क्षेत्र सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर
रिफाइनरी के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास पिछले कुछ समय में तेजी से बाजार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बड़ा खतरा माना है।
दिनभर रहने वाली भीड़ को सुरक्षा के लिए जोखिम बताया गया है
अब रिफाइनरी के चारों ओर करीब 1 किलोमीटर क्षेत्र की गहन जांच शुरू कर दी गई है
कई दुकानों और अस्थायी प्रतिष्ठानों को हटाने की तैयारी चल रही है
50 हजार बाहरी लोगों की पहचान होगी अनिवार्य
रिफाइनरी प्रोजेक्ट के चलते पचपदरा और बालोतरा में बड़ी संख्या में बाहरी लोग आकर बस गए हैं।
अनुमान है कि 50 हजार से ज्यादा लोग हाल के वर्षों में यहां आए हैं
अब हर किरायेदार और मजदूर का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी किया जाएगा
मकान मालिकों को चेतावनी: बिना जांच किराए पर कमरा देने पर कार्रवाई तय
फोटो-वीडियो पर भी सख्ती
सुरक्षा एजेंसियों ने रिफाइनरी के आसपास फोटो और वीडियो बनाने को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट से भीड़ बढ़ने का खतरा
संवेदनशील जानकारी बाहर जाने की आशंका
अब रिफाइनरी के पास शूटिंग करना मुश्किल हो सकता है
अवैध कॉलोनियों और जमीन सौदों की जांच
रिफाइनरी के आसपास जमीन के कारोबार में भी तेजी आई है, जिस पर अब प्रशासन नजर रख रहा है।
बिना अनुमति कॉलोनियां बसाने के मामलों की जांच
बाहरी लोगों को महंगे दाम पर जमीन बेचने की शिकायतें
तहसीलदार और SDM स्तर पर विशेष जांच अभियान शुरू
अन्य प्रोजेक्ट्स से तुलना में कमी उजागर
प्रशासन ने अन्य हाई-सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स से तुलना कर पचपदरा की कमियां चिन्हित की हैं:
पावर प्लांट और तेल टर्मिनल के आसपास खाली क्षेत्र और सख्त निगरानी
एयरफोर्स क्षेत्र में पूर्ण प्रतिबंधित जोन
जबकि पचपदरा में गेट के पास ही भीड़भाड़ और दुकानें मौजूद
अब ‘अभेद्य किले’ की ओर बढ़ रही रिफाइनरी
आग की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया, लेकिन अब प्रशासन इसे पूरी तरह दुरुस्त करने के मूड में है।
आने वाले समय में रिफाइनरी क्षेत्र में प्रवेश, गतिविधियों और निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी देखने को मिलेगी।
पचपदरा रिफाइनरी अब सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि एक हाई-सिक्योरिटी जोन के रूप में विकसित हो रही है। आग की घटना के बाद उठाए जा रहे कदम यह साफ संकेत दे रहे हैं कि सुरक्षा के मामले में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।