रेगिस्तान से ऊर्जा की ताकत तक! पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में राजस्थान को बताया भारत का नया पावर हब!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा, खासकर पवन ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे तेज विकास की सराहना की। उन्होंने राजस्थान को देश के हरित ऊर्जा विकास का अहम केंद्र बताया। इस उल्लेख के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताते हुए राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बनने की दिशा में बताया।

Apr 26, 2026 - 14:37
रेगिस्तान से ऊर्जा की ताकत तक! पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में राजस्थान को बताया भारत का नया पावर हब!

जयपुर/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 133वां एपिसोड इस बार राजस्थान के लिए खास बन गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता, विशेषकर पवन ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे तेज़ विकास की खुलकर सराहना की। पीएम मोदी के इस उल्लेख के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे राज्य के लिए “ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण” बताया है।

राजस्थान बना भारत की हरित ऊर्जा क्रांति का मजबूत आधार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि भारत आज पवन ऊर्जा उत्पादन में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन चुका है और इस उपलब्धि में राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्यों की अहम भूमिका है।

उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी रेगिस्तान और वीरान इलाके दिखाई देते थे, वहां आज बड़े-बड़े रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित हो रहे हैं।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राजस्थान की तेज हवाएं अब सिर्फ प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा शक्ति का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी हैं।

युवाओं के लिए खुल रहे नए रोजगार के रास्ते

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि पवन और सौर ऊर्जा का विस्तार केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नई तकनीक, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को फायदा मिल रहा है।

प्राचीन श्लोक से की शुरुआत, ऊर्जा के महत्व पर दिया संदेश

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत संस्कृत श्लोक “वायुर्वा इति व्यष्टि:, वायुरवै समष्टि:” से की और ऊर्जा के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि ऊर्जा केवल उत्पादन का विषय नहीं है, बल्कि यह भविष्य की सुरक्षा और आत्मनिर्भर भारत की नींव है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले – “राजस्थान के लिए गर्व का क्षण”

प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरे राजस्थान के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने राज्य की प्रगति को राष्ट्रीय मंच पर सराहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य राजस्थान को हरित ऊर्जा (Green Energy) का राष्ट्रीय हब बनाना है। इसके लिए लगातार निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और युवाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

सीएम ने यह भी कहा कि आने वाले समय में राजस्थान ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

हरित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम

राजस्थान में तेजी से विकसित हो रहे सौर और पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा योगदान दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ में राजस्थान का विशेष उल्लेख राज्य के लिए एक बड़ा सम्मान माना जा रहा है। इससे न केवल प्रदेश की ऊर्जा नीति को राष्ट्रीय पहचान मिली है, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसरों के भी द्वार खुलने की उम्मीद बढ़ी है।