नागौर में गैस संकट: शादियों में अब सिर्फ तंदूर और दाल फ्राई, कैटरिंग ठप; कांग्रेस ने सिलेंडर कंधे पर उठाकर किया जोरदार प्रदर्शन
नागौर में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों व आपूर्ति की कमी से शादी-विवाह के सीजन में कैटरिंग व्यवसाय ठप्प हो गया है। कैटरर्स अब केवल तंदूर रोटी और दाल फ्राई की व्यवस्था कर पा रहे हैं, जबकि कई भट्टियां डीजल पर चल रही हैं। विरोध में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने कंधे पर सिलेंडर उठाकर प्रदर्शन किया, प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और केंद्र सरकार से महंगाई वापस लेने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर आम जनता पर पड़ रहे बोझ को उजागर किया।
नागौर (राजस्थान), 13 मार्च 2026: घरेलू और कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों तथा आपूर्ति में आई भारी कमी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नागौर जिले में यह संकट इतना गहरा गया है कि शादी-विवाह के सीजन में कैटरिंग व्यवसायी अब ग्राहकों को केवल तंदूर और दाल फ्राई जैसी सीमित व्यवस्था की पेशकश कर रहे हैं। मिठाई की दुकानों से लेकर बड़े-बड़े भोज तक प्रभावित हो रहे हैं, जबकि कई गैस भट्टियों को मजबूरन डीजल में कन्वर्ट करना पड़ रहा है।
इस गंभीर स्थिति के विरोध में शुक्रवार को नागौर जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने किया, जो कंधे पर एक गैस सिलेंडर उठाकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। बड़ी संख्या में एकत्रित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लिए महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद की गई और प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लगातार बढ़ती गैस कीमतें आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गई हैं। कमर्शियल गैस पर लगी पाबंदी और घरेलू सिलेंडर की किल्लत ने छोटे व्यापारियों, कैटरर्स और आम परिवारों को परेशान कर दिया है। कैटरिंग व्यवसायियों ने बताया कि वे ग्राहकों से साफ कह रहे हैं - "हम अभी केवल तंदूर और दाल फ्राई की ही व्यवस्था कर सकते हैं।" शादी के भव्य मेन्यू अब सपने जैसे लगने लगे हैं, क्योंकि गैस न मिलने से बड़े पैमाने पर पकवान बनाना असंभव हो गया है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गैस की बढ़ती कीमतों पर तुरंत रोक लगाई जाए, कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बहाल की जाए और महंगाई के इस बोझ को हटाया जाए। प्रदर्शन के दौरान नारों की गूंज गूंजती रही - "महंगाई हटाओ, जनता को बचाओ"।