जोधपुर की पॉश सोसाइटी में गर्लफ्रेंड के साथ चल रही थी ड्रग्स फैक्ट्री: AGTF ने दरवाजा तोड़कर छापा मारा, 2 करोड़ से ज्यादा का 'सफेद जहर' बरामद, मास्टरमाइंड फरार
जोधपुर की पॉश आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी के फ्लैट नंबर A-803 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने दरवाजा तोड़कर छापा मारा। यहां सांचौर निवासी भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहकर MD (मेफेड्रोन) ड्रग्स की फैक्ट्री चला रहा था। टीम पहुंचने से पहले मास्टरमाइंड और उसकी प्रेमिका फरार हो गए। फ्लैट से 3.663 किलो नशीली गोलियां, 1.1 किलो से ज्यादा हाई-ग्रेड केमिकल और कुल 2 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का नशे का जखीरा बरामद किया गया। इस खुलासे की शुरुआत 2 अप्रैल को बनाड़ क्षेत्र से हुई, जहां गणपतराम विश्नोई को 3 किलो MD ड्रग्स और 55 किलो केमिकल के साथ गिरफ्तार किया गया था। गणपतराम ने पूछताछ में भरत विश्नोई को मास्टरमाइंड बताया, जिसने आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर उसे इस धंधे में शामिल किया था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
जोधपुर में नशे के खिलाफ एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की लगातार कार्रवाई अब पॉश इलाकों तक पहुंच गई है। शनिवार को शहर की知名 आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी के एक फ्लैट में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। मास्टरमाइंड भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की अपनी गर्लफ्रेंड के साथ इसी फ्लैट में रहकर मेफेड्रोन (MD) जैसी घातक ड्रग्स तैयार कर रहा था।
फ्लैट में छापा और बरामदगी
AGTF और जोधपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने फ्लैट नंबर A-803 का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। हालांकि, मास्टरमाइंड भरत विश्नोई और उसकी प्रेमिका पहले ही फरार हो चुके थे। तलाशी के दौरान अलमारी में रखे एक बैग (जिस पर UMMUL लिखा था) से नशे का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
बरामद सामान में शामिल हैं: 3.663 किलोग्राम नशीली गोलियां (2000 से ज्यादा गोलियां, सीमेंट की पीली टेप से लिपटे पैकेटों और जीपर पाउच में पैक),उच्च गुणवत्ता वाले केमिकल (1.1 किलो से ज्यादा हाई-ग्रेड प्रीकर्सर), ड्रग्स बनाने का पूरा सामान, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक कांटा, टेप रोल और आरोपी के महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल, एफएसएल (Forensic Science Laboratory) और एनसीबी (Narcotics Control Bureau) की टीमों की जांच में पुष्टि हुई कि बरामद पदार्थ घातक मेफेड्रोन (MD) है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 2 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है।
कैसे खुला राज?
इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा 2 अप्रैल को बनाड़ थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य कार्रवाई से हुआ। AGTF ने वहां एक खेत में स्थित मकान की छत पर चल रही ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में 3 किलो से ज्यादा तैयार MD ड्रग्स और 55 किलो से ज्यादा खतरनाक केमिकल बरामद किए गए थे।
गिरफ्तार आरोपी गणपतराम विश्नोई ने पूछताछ में बताया कि वह महज एक मोहरा है। असली मास्टरमाइंड सांचौर का रहने वाला भरत विश्नोई उर्फ आसुराम उर्फ लक्की है। गणपतराम की आर्थिक हालत बहुत खराब थी और वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था। भरत ने कर्ज चुकाने का लालच देकर उसे इस अवैध धंधे में शामिल किया।
गणपतराम ने अपनी मकान की छत (बनाड़ थाने से करीब 3 किमी दूर खेत में) सांचौर के तस्करों को ड्रग्स फैक्ट्री बनाने के लिए किराए पर दी थी। वहीं, भरत विश्नोई अपनी पहचान छिपाकर जोधपुर की पॉश आशापूर्णा प्लेटिनम सोसाइटी के फ्लैट में गर्लफ्रेंड के साथ रह रहा था और वहां से ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा था।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एडीसीपी अमृत जीनगर ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों कार्रवाइयों में AGTF की टीम ने सूचना के आधार पर तेजी से एक्शन लिया। फ्लैट से बरामद दस्तावेजों और सामग्री की जांच जारी है, जिससे आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फरार मास्टरमाइंड भरत विश्नोई और उसकी गर्लफ्रेंड की तलाश में पुलिस छापेमारी और नाकाबंदी कर रही है।
यह कार्रवाई जोधपुर में MD ड्रग्स (जिसे 'सफेद जहर' भी कहा जाता है) के बढ़ते सिंडिकेट के खिलाफ AGTF की बड़ी सफलता मानी जा रही है। महज 48 घंटे के अंदर दो बड़ी ड्रग फैक्टरियों का भंडाफोड़ होना नशे के कारोबारियों के लिए बड़ा झटका है।