घर-घर में ऐसा सिस्टम लगने जा रहा है जो हर मूवमेंट ट्रैक करेगा… पूरी कहानी जानकर हैरान रह जाएंगे
एक शहर में कचरा संग्रहण के लिए ऐसा सिस्टम लागू होने जा रहा है, जिससे पूरी सफाई व्यवस्था की लाइव निगरानी और ट्रैकिंग संभव होगी।
झुंझुनूं नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब शहर में घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली की निगरानी RFID (Radio Frequency Identification) तकनीक के जरिए की जाएगी।
इस नई व्यवस्था के तहत शहर के लगभग 40 हजार घरों पर स्मार्ट RFID कार्ड लगाए जा रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर घर से कचरा नियमित रूप से संग्रहित हो रहा है या नहीं।
डिजिटल तकनीक से होगी पूरी निगरानी
नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या के अनुसार इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और जनभागीदारी को बढ़ाना है। इस तकनीक के जरिए कचरा संग्रहण वाहनों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी और पूरा डेटा रियल टाइम में रिकॉर्ड होगा।
अब अधिकारियों को यह भी पता चलेगा कि कौन सा वाहन किस रूट पर काम कर रहा है और किस वार्ड में कितनी सफाई हुई है। इससे लापरवाही की संभावना काफी कम हो जाएगी।
40 हजार घरों में लगेंगे स्मार्ट कार्ड
नगर परिषद ने 15 मई तक सभी चिन्हित घरों में RFID कार्ड लगाने का लक्ष्य रखा है। यह कार्य विवोस कंपनी को सौंपा गया है, जो पहले से ही शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी संभाल रही है।
हर घर के बाहर एक यूनिक RFID कार्ड लगाया जाएगा, जिसे कचरा संग्रहण वाहन के पहुंचते ही स्कैन किया जाएगा। इससे यह पुष्टि हो सकेगी कि संबंधित घर से कचरा लिया गया है।
मोबाइल ऐप से मिलेगा अलर्ट और फीडबैक
इस सिस्टम को एक मोबाइल ऐप से जोड़ा गया है, जिसे नागरिक अपने स्मार्टफोन में इंस्टॉल कर सकेंगे। जैसे ही कचरा वाहन घर के करीब पहुंचेगा, लगभग 50 से 100 मीटर पहले ही मोबाइल पर अलर्ट आ जाएगा।
इससे लोग समय रहते गीला और सूखा कचरा तैयार कर सकेंगे। साथ ही नागरिक ऐप के जरिए फीडबैक भी दे सकेंगे, जिससे सेवाओं में सुधार किया जा सकेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
शहर के 60 वार्डों में अक्सर कचरा संग्रहण को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार वाहनों के निर्धारित रूट पर न जाने या काम अधूरा रहने की बातें सामने आई हैं।
नई RFID आधारित प्रणाली से न सिर्फ निगरानी मजबूत होगी, बल्कि पूरी व्यवस्था में जवाबदेही भी तय होगी। नागरिकों से मिलने वाले रियल टाइम फीडबैक के आधार पर नगर परिषद तुरंत सुधारात्मक कदम उठा सकेगी।