तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, मां की चीखों के बीच 17 साल के बेटे ने जो किया… सब सन्न रह गए
तिरंगे में लिपटा शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया… मां टूट गई और 17 साल के बेटे ने सबको हिला देने वाला कदम उठा लिया।
जयपुर। रायसर क्षेत्र के घठाजरी कुशलपुरा गांव में सोमवार सुबह उस वक्त दर्द और सन्नाटा छा गया जब जयपुर सेंट्रल जेल में तैनात आरएसी जवान गिरधारी लाल गुर्जर (38) का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके घर पहुंचा।
रविवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई उनकी मौत के बाद जैसे ही शव गांव की दहलीज पर पहुंचा, पूरे इलाके में कोहराम मच गया। मां बेसुध होकर रो पड़ीं, पत्नी और बच्चों का हाल देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई अपने जांबाज सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचा। माहौल इतना भावुक था कि चारों तरफ सिर्फ सिसकियां और चीख-पुकार गूंज रही थीं।
पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अंतिम यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकाली गई। इस दौरान पुलिस, आरएसी जवान और अधिकारी मौजूद रहे। साथी जवानों ने अपने सहयोगी को कंधा दिया और श्मशान तक सम्मानपूर्वक अंतिम यात्रा पहुंचाई। वहां गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें सलामी दी गई।
सबसे दर्दनाक पल
श्मशान घाट पर वह पल सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाला था, जब 17 वर्षीय बेटे सागर सिंह गुर्जर ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं और पूरा माहौल शोक में डूब गया।
एक ईमानदार जवान की कहानी
गिरधारी लाल गुर्जर वर्ष 2012 में भर्ती हुए थे और 2013 से आरएसी की 13वीं बटालियन में सेवाएं दे रहे थे। वे अपने गांव में एक अनुशासित, मेहनती और ईमानदार जवान के रूप में जाने जाते थे। उनके पीछे पत्नी, दो बच्चे और पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ है।