झालावाड़ कंज्यूमर कोर्ट में ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू कंपनी को भ्रामक विज्ञापन मामले में बड़ा अपडेट: नोटिस का जवाब दाखिल, अगली सुनवाई 10 अप्रैल को

झालावाड़ उपभोक्ता न्यायालय में माउंटेन ड्यू के भ्रामक विज्ञापन मामले में ऋतिक रोशन और कंपनी ने नोटिस का जवाब दाखिल कर दिया है। शिकायतकर्ता एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने दावा किया कि विज्ञापन में कोल्ड ड्रिंक पीने से अत्यधिक एनर्जी और साहस बढ़ने का दावा गुमराह करने वाला है। कोर्ट ने 12 फरवरी को नोटिस जारी किए थे, अब अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। शिकायतकर्ता ने विज्ञापन पर तत्काल रोक की भी मांग की है।

Mar 13, 2026 - 12:21
झालावाड़ कंज्यूमर कोर्ट में ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू कंपनी को भ्रामक विज्ञापन मामले में बड़ा अपडेट: नोटिस का जवाब दाखिल, अगली सुनवाई 10 अप्रैल को

राजस्थान के झालावाड़ जिले में उपभोक्ता न्यायालय (कंज्यूमर कोर्ट) में बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू (Mountain Dew) कोल्ड ड्रिंक बनाने वाली कंपनी के खिलाफ चल रहे भ्रामक विज्ञापन के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कंपनी और अभिनेता की ओर से नोटिस का लिखित जवाब पेश कर दिया गया है, जबकि शिकायतकर्ता ने विज्ञापन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई अब 10 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि और शिकायत

झालावाड़ के निवासी एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने 20 जनवरी 2026 को जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में परिवाद दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि माउंटेन ड्यू के टेलीविजन विज्ञापनों में, जिसमें ऋतिक रोशन ब्रांड एंबेसडर के रूप में नजर आते हैं, पूरी तरह भ्रामक दावे किए जाते हैं।

विज्ञापन में दावा किया जाता है कि इस कोल्ड ड्रिंक को पीने से शरीर में अत्यधिक स्फूर्ति और एनर्जी आती है, जिससे व्यक्ति असंभव लगने वाले साहसी काम (जैसे 'डर के आगे जीत है' वाली थीम पर आधारित स्टंट्स) भी आसानी से कर लेता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये दावे सच्चाई से परे हैं और उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं।

एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने तर्क दिया कि कंपनी और फिल्म स्टार ने मिलकर करोड़ों उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(28) का हवाला देते हुए कहा कि उत्पाद की गुणवत्ता, प्रकृति या लाभों के बारे में गलत जानकारी देने वाला कोई भी विज्ञापन 'भ्रामक विज्ञापन' की श्रेणी में आता है।

कोर्ट की कार्रवाई

उपभोक्ता न्यायालय ने शिकायत की प्रथम दृष्टया जांच की और इसमें सच्चाई पाई। न्यायालय के सदस्य वीरेंद्र सिंह रावत (और बाद में अध्यक्ष ईश्वर सिंह वर्मा के संदर्भ में) ने मामले को विचारार्थ स्वीकार करते हुए 12 फरवरी 2026 को तीन अलग-अलग नोटिस जारी किए।

ये नोटिस निम्नलिखित को भेजे गए थे:बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन, कोल्ड ड्रिंक कंपनी (पेप्सिको इंडिया, माउंटेन ड्यू की मालिक),डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी (वरुण बेवरेजेस लिमिटेड),नोटिस में सभी पक्षों से एक महीने के अंदर विस्तृत जवाब मांगा गया था।

12 मार्च की सुनवाई और जवाब दाखिल

12 मार्च 2026 को मामले की पहली पेशी हुई। इस दौरान ऋतिक रोशन और कंपनियों की ओर से दिल्ली से आए वकीलों ने स्थानीय तीन वकीलों के माध्यम से तीन अलग-अलग नोटिसों के जवाब पेश किए। कंपनी की ओर से अधिवक्ता महावीर जैन ने कोर्ट में लिखित जवाब दाखिल किया और दावा किया कि विज्ञापन को गलत तरीके से भ्रामक बताया जा रहा है।दूसरी ओर, शिकायतकर्ता एडवोकेट गुरुचरण सिंह ने दोबारा कोर्ट में तर्क पेश किए और मांग की कि मामला विचाराधीन रहते हुए विज्ञापन के प्रसारण पर तुरंत रोक लगाई जाए, ताकि और उपभोक्ता गुमराह न हों।

अगला कदम

उपभोक्ता न्यायालय ने सभी पक्षों के जवाब और तर्क सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल 2026 को तय की है। इस सुनवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि विज्ञापन के दावे वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं या नहीं, और क्या भ्रामक विज्ञापन के आरोप सही हैं। यदि आरोप सिद्ध हुए तो कंपनी और ब्रांड एंबेसडर पर जुर्माना, मुआवजा या विज्ञापन पर रोक जैसी सजा हो सकती है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.