डोटासरा के बयान से गरमाई सियासत: महिला आरक्षण, जनगणना और रिफाइनरी हादसे पर उठे सवालों के बीच क्या छिपी है बड़ी राजनीतिक रणनीति?

राजस्थान में गोविंद सिंह डोटासरा के ताजा बयानों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। महिला आरक्षण, जनगणना और रिफाइनरी हादसे जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को घेरा—जानिए पूरा मामला।

Apr 21, 2026 - 17:23
डोटासरा के बयान से गरमाई सियासत: महिला आरक्षण, जनगणना और रिफाइनरी हादसे पर उठे सवालों के बीच क्या छिपी है बड़ी राजनीतिक रणनीति?

राजस्थान की राजनीति में बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सीकर जिले के सांगलिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिला आरक्षण, जनगणना, परिसीमन और हालिया पचपदरा रिफाइनरी हादसे जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

डिप्टी सीएम और सीएम के रिश्तों पर टिप्पणी

डोटासरा ने राजस्थान सरकार के भीतर मतभेदों की ओर इशारा करते हुए कहा कि डिप्टी सीएम दीया कुमारी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बीच “36 का आंकड़ा” है। उनका कहना था कि सरकार के भीतर समन्वय की कमी साफ दिखाई देती है, जिससे प्रशासनिक फैसलों पर भी असर पड़ रहा है।

प्रधानमंत्री पर विवादित बयान

डोटासरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में उनके भावुक होने पर उन्हें “शर्म” महसूस हुई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच भी नेता संयम रखते हैं, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री का इस तरह भावुक होना सवाल खड़े करता है।

महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा

महिला आरक्षण बिल को लेकर डोटासरा ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बिल संसद से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बावजूद लंबे समय तक लागू नहीं किया गया।

उनका दावा है कि सरकार ने शुरुआत में ही यह शर्त रख दी थी कि पहले जनगणना और फिर परिसीमन होगा, उसके बाद ही 2029 से आरक्षण लागू किया जाएगा। डोटासरा के अनुसार, सरकार जनगणना समय पर कराने में विफल रही और अब राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को खींच रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिसीमन प्रक्रिया के जरिए सरकार संविधान में बदलाव कर अपने पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश कर रही थी, ताकि भविष्य में सत्ता पर पकड़ मजबूत की जा सके।

जनगणना और परिसीमन पर सवाल

डोटासरा ने कहा कि 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन नहीं करवाई गई। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार अभी जनगणना करवा ले, तो 2029 के लोकसभा चुनाव तक महिला आरक्षण को लागू किया जा सकता है।

उनके अनुसार, यह काम सरकार की जिम्मेदारी है, न कि विपक्ष की।

पचपदरा रिफाइनरी हादसे पर उठाए सवाल

पचपदरा रिफाइनरी में हुए बड़े हादसे को लेकर भी डोटासरा ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे से ठीक पहले इतनी बड़ी घटना होना कई सवाल खड़े करता है।

उनका कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च कर कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही थीं, इसके बावजूद आग लगना प्रशासनिक लापरवाही या किसी अन्य कारण की ओर संकेत करता है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की।

राज्य सरकार पर हमला

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बाड़मेर दौरे को लेकर भी डोटासरा ने टिप्पणी की और कहा कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगातार हादसे, अपराध और अव्यवस्था बढ़ रही है।

डोटासरा ने चेतावनी दी कि यदि पंचायत और निकाय चुनाव कराए जाते हैं, तो जनता सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करेगी।

निष्कर्ष

गोविंद सिंह डोटासरा के इन बयानों ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। महिला आरक्षण, जनगणना और प्रशासनिक विफलताओं जैसे मुद्दों पर उठाए गए सवाल आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं। अब देखना यह होगा कि राज्य और केंद्र सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं और इन मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Web Desk Web Desk The Khatak