वो कौन सा एक्सप्रेस-वे था जहाँ आधी रात को क्या ले जा रही थी यह गाड़ी? गौरक्षकों ने घेरा तो खुला रोंगटे खड़े कर देने वाला राज, जानिए पूरा मामला!

एक्सप्रेस-वे की रफ्तार और अंधेरे का फायदा उठाकर निकल रही एक गाड़ी को जब घेराबंदी कर रोका गया, तो एक ऐसे राज का पर्दाफाश हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया। जानिए पूरी हकीकत

Apr 8, 2026 - 13:34
Apr 8, 2026 - 13:37
वो कौन सा एक्सप्रेस-वे था जहाँ आधी रात को क्या ले जा रही थी यह गाड़ी? गौरक्षकों ने घेरा तो खुला रोंगटे खड़े कर देने वाला राज, जानिए पूरा मामला!

अलवर। राजस्थान के अलवर जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पिनान रेस्ट एरिया के पास गौरक्षक टीम और पुलिस ने मिलकर पशु तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। एक तेज रफ्तार पिकअप को रुकवाकर जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके भीतर बेजुबान ऊंटों को बेहद क्रूर तरीके से भरकर ले जाया जा रहा था।

घेराबंदी कर पकड़ी गई पिकअप गौरक्षक टीम के सदस्य संस्कार सैन को गुप्त सूचना मिली थी कि एक्सप्रेस-वे के जरिए ऊंटों की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हुई और पिनान के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध पिकअप वहां पहुंची, उसे रुकवा लिया गया। तलाशी के दौरान गाड़ी के अंदर तीन ऊंट मिले, जिन्हें अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।

लालसोट से मेवात का 'डेथ रूट' पिकअप चला रहे आरोपी ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी राजेंद्र, जो हरियाणा के नूंह (मेवात) का रहने वाला है, ने बताया कि वह इन ऊंटों को दौसा के लालसोट से खरीदकर लाया था। पूछताछ में सामने आया कि इन बेजुबानों को कटने के लिए मेवात ले जाया जा रहा था।

पुलिस ने दर्ज किया मामला घटना की गंभीरता को देखते हुए राजगढ़ थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है और ऊंटों को सुरक्षित मुक्त करवाकर अपने कब्जे में लिया है। गौरक्षक टीम के यश शर्मा की शिकायत पर राजगढ़ थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब इस तस्करी के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground