बड़ौदामेव में अतिक्रमण का कहर: मुख्य मार्ग पर दुकानों के अस्थायी कब्जों से लंबे जाम, समाधान की कोई उम्मीद नहीं

भरतपुर के बड़ौदामेव कस्बे में मुख्य अलवर-भरतपुर मार्ग पर दुकानदारों के अस्थायी अतिक्रमण से रोजाना लंबा जाम लग रहा है। नगर पालिका बनने के बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

Nov 19, 2025 - 16:15
बड़ौदामेव में अतिक्रमण का कहर: मुख्य मार्ग पर दुकानों के अस्थायी कब्जों से लंबे जाम, समाधान की कोई उम्मीद नहीं

भरतपुर, 19 नवंबर 2025: राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित बड़ौदामेव कस्बा, जो हाल ही में नगर पालिका का दर्जा प्राप्त करने के बावजूद अवैध अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। अलवर-भरतपुर मुख्य मार्ग पर दुकानदारों द्वारा सड़क किनारे किए गए अस्थायी कब्जों के कारण यातायात पूरी तरह से ठप हो जाता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि सुबह से शाम तक लंबे-लंबे जाम लगना आम बात हो गई है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण हालात जस के तस बने हुए हैं।

घटना का विवरण;  बड़ौदामेव कस्बा भरतपुर जिले का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है, जो अलवर और भरतपुर को जोड़ने वाले व्यस्त राजमार्ग पर स्थित है। यहां की बाजारें और दुकानें स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार हैं, लेकिन दुकानदारों की लापरवाही ने ही इस सड़क को जाम का अड्डा बना दिया है। मुख्य मार्ग पर फल-सब्जी की दुकानों से लेकर छोटे-मोटे ठेलों तक, सभी ने सड़क के किनारे अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर ली हैं। इन कब्जों के कारण वाहनों का आवागमन संकुचित हो गया है, और दो-चार गाड़ियों के गुजरते ही पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। विशेष रूप से बाजार के पीक आवर्स के दौरान—सुबह 8 से 11 बजे और शाम 4 से 7 बजे—जाम की स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले वाहन भी फंस जाते हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन कस्बे को नगर पालिका घोषित होने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली। एक बुजुर्ग निवासी, रामस्वरूप शर्मा ने बताया, "हमारे कस्बे का विकास तो हो रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी हमें परेशान कर रही है। रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों को आधा घंटा जाम में फंसना पड़ता है। दुकानदारों को तो फायदा हो रहा है, लेकिन आम जनता की जान पर बन रही है।" इसी तरह, एक ट्रक चालक मोहन लाल ने शिकायत की, "अलवर से भरतपुर जाते समय यहां का जाम हमें घंटों रोक लेता है। ईंधन की बर्बादी और समय की क्षति अलग से। अगर सड़क साफ हो जाए तो यात्रा आधी हो जाएगी।"

आमजन की समस्या; अतिक्रमण की यह समस्या केवल यातायात तक सीमित नहीं है। इन अस्थायी कब्जों के कारण सड़क पर गंदगी का अंबार लग जाता है, जिससे मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नगर पालिका प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमें शिकायतें मिल रही हैं, और हम सर्वे करा रहे हैं। लेकिन दुकानदारों का विरोध और राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। जल्द ही ड्राइव हटाने का प्लान है।" हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केवल कागजी बातें हैं, क्योंकि पिछले कई महीनों से कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ।बड़ौदामेव की यह समस्या राजस्थान के अन्य छोटे कस्बों की भी परछाईं है, जहां विकास के नाम पर अवैध निर्माण बढ़ते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सख्त कानूनी कार्रवाई और जागरूकता अभियान के बिना यह समस्या हल नहीं होगी। फिलहाल, यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, लेकिन व्यस्त राजमार्ग पर ऐसा करना आसान नहीं। प्रशासन से मांग उठ रही है कि तत्काल अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर राहत प्रदान की जाए, ताकि बड़ौदामेव फिर से सुगम यातायात वाला कस्बा बन सके।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.