बाड़मेर में कड़ाके की ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टी: कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को राहत, स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य

बाड़मेर जिले में शीतलहर और कड़ाके की ठंड के कारण जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए 7 और 8 जनवरी को अवकाश घोषित किया है। यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है, जबकि स्कूल स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान है।

Jan 7, 2026 - 10:52
बाड़मेर में कड़ाके की ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टी: कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों को राहत, स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य

बाड़मेर, 7 जनवरी 2026: राजस्थान के बाड़मेर जिले में नए साल की शुरुआत के साथ ही शीतलहर और कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं के लिए 7 और 8 जनवरी को अवकाश घोषित कर दिया गया है।यह आदेश मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 30 के तहत जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है, जिसके चलते छोटे बच्चों को ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया। मंगलवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन रात और सुबह के समय सर्द हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया है।

क्यों पड़ी ठंड इतनी ज्यादा? नए साल के साथ बाड़मेर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान में शीतलहर का असर तेज हो गया है। रेगिस्तानी इलाका होने के बावजूद रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे सुबह और शाम में लोगों की आवाजाही कम हो गई है। लोग घरों में ही दुबककर रहने को मजबूर हैं। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, क्योंकि उत्तर भारत में शीतलहर का दौर जारी है।

आदेश की मुख्य बातें: छुट्टी का दायरा: बाड़मेर जिले के सभी सरकारी, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए 7 और 8 जनवरी को पूर्ण अवकाश।स्टाफ के लिए नियम: अवकाश के बावजूद स्कूल स्टाफ को अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य है। संबंधित स्कूल प्रधान को उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।उल्लंघन पर कार्रवाई: यदि कोई स्कूल इस आदेश की अवहेलना करता है, तो आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।उद्देश्य: छोटे बच्चों को कड़ाके की ठंड, शीतलहर और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाना।जिला कलेक्टर टीना डाबी का यह फैसला अभिभावकों और छात्रों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कई अभिभावकों ने इसे सराहा है, क्योंकि सुबह स्कूल जाने में बच्चों को काफी परेशानी हो रही थी। हालांकि, कक्षा 9 से ऊपर के छात्रों के लिए स्कूल सामान्य रूप से चलते रहेंगे।

राजस्थान में ठंड का व्यापक असर बाड़मेर ही नहीं, राजस्थान के कई अन्य जिलों जैसे जोधपुर, जैसलमेर, सीकर, झुंझुनू आदि में भी ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टियां या टाइमिंग में बदलाव किए गए हैं। उत्तर भारत में शीतलहर का अलर्ट जारी है, जिससे आने वाले दिनों में और राहत की उम्मीद की जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.