राजस्थान के बाड़मेर में सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल ने महिला शिक्षिका से की अभद्र भाषा: "कुत्ते की मौत मरेगी", "तेरी जैसी फफूंद बहुत देखी"; ऑडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच
राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल ने ज्वॉइनिंग के दौरान महिला शिक्षिका से बेहद अभद्र और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया, जैसे "कुत्ते की मौत मरेगी", "तेरी जैसी फफूंद बहुत देखी", "थप्पड़ मारता", "सात गट्टे खाता" आदि। शिक्षिका ने बहस रिकॉर्ड कर ऑडियो वायरल कर दिया, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच कमेटी गठित की है। प्रिंसिपल का दावा है कि टीचर ने प्री-प्लानिंग से उकसाया।
बाड़मेर जिले के एक सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में हाल ही में हुई एक घटना ने शिक्षा विभाग को हिला कर रख दिया है। यहां प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षिका के बीच ज्वॉइनिंग (कार्यभार ग्रहण) को लेकर हुई बहस के दौरान प्रिंसिपल ने बेहद अभद्र, अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। इस दौरान महिला शिक्षिका ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्डिंग कर ली, जिसका ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है।
घटना का विवरण
घटना बाड़मेर जिले के एक सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में गुरुवार की दोपहर को हुई। महिला शिक्षिका स्कूल में ज्वॉइनिंग के लिए प्रिंसिपल के पास पहुंची थीं और उन्होंने लिखित अनुमति (स्वीकृति) मांगी। प्रिंसिपल ने पहले तो बहस शुरू की और फिर क्रोध में आकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिक्षिका का आरोप है कि उन्होंने पहले भी 23 जनवरी को प्रिंसिपल के साथ बहस की थी, लेकिन इस बार उन्होंने बहस के दौरान रिकॉर्डर ऑन कर लिया।
शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने व्हाट्सएप पर पुलिस को लेटर भेज दिया था और पुलिस स्टाफ स्कूल पहुंचा था। पुलिस ने उन्हें थाने बुलाया है। वे करीब एक घंटे तक परेशान होने के बाद रिकॉर्डिंग शुरू की।
प्रिंसिपल का पक्ष
प्रिंसिपल ने अपना बचाव करते हुए कहा कि महिला शिक्षिका ने पूर्व नियोजित तरीके से (प्री-प्लानिंग) बहस को बढ़ावा दिया और ऑडियो रिकॉर्ड किया। उनका कहना है कि उन्होंने ज्वॉइनिंग से मना नहीं किया था, रजिस्टर में साइन करने को कहा था। शिक्षिका ने लिखित अनुमति की जिद की और लगातार सवाल-जवाब करती रहीं, जिससे उन्हें डेढ़ घंटे तक परेशान होना पड़ा। प्रिंसिपल का दावा है कि शिक्षिका ने उन्हें उकसाया।
ऑडियो में हुई कहासुनी के प्रमुख अंश (लगभग 4 मिनट 15 सेकंड का रिकॉर्डिंग)
ऑडियो में प्रिंसिपल द्वारा इस्तेमाल किए गए कुछ आपत्तिजनक और धमकी भरे शब्द इस प्रकार हैं:
"मरेगी कुत्ते की मौत..."
"तेरी जैसी फफूंद बहुत देखी है... तेरी जैसी फफूंद देख कर आया हूं।"
"यू तेरी तरह डरता तो आज तक नौकरी नहीं करता।"
"आ मैदान में... भाला, तलवार ले आ मैदान में।"
"आपकी जगह कोई जेंट्स होता तो सीधी थप्पड़ मारता... जेंट्स होता तो यहीं लटका देता।"
"सात गट्टे खाता।"
"तेरी जुबान लंबी है... अब तेरे से ट्रीट यही होगा।"
"महिला होने के नाते गम खा रहा हूं, जहर पी रहा हूं... तेरी जैसी कई फफूंद देखी है।"
शिक्षिका ने जवाब में कहा:
"डरती मैं भी नहीं हूं।"
"मेरी तो कलम है।"
"अच्छी बात है, अभी मार दो कौन मना कर रहा है।"
बहस के दौरान अन्य स्टाफ सदस्यों ने बीच-बचाव किया और मामला शांत करवाया।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम चौधरी ने मामले का संज्ञान लेते हुए बताया कि ऑडियो उनके संज्ञान में आने के बाद जांच दल गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। फाइनल जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही दोनों पक्षों की पहचान और आगे की कार्रवाई के बारे में स्पष्ट किया जाएगा। रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी, जहां अंतिम निर्णय होगा।