AIIMS जोधपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: पूर्व मंत्री से विवाद के बाद अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी हटाए गए, डॉ. अभिषेक भारद्वाज को मिला अतिरिक्त प्रभार

एम्स जोधपुर में अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी को पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी से विवाद के तीन महीने बाद हटाया गया; डॉ. अभिषेक भारद्वाज को अतिरिक्त प्रभार,

Nov 11, 2025 - 10:36
AIIMS जोधपुर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: पूर्व मंत्री से विवाद के बाद अधीक्षक डॉ. महेश देवनानी हटाए गए, डॉ. अभिषेक भारद्वाज को मिला अतिरिक्त प्रभार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। एम्स हॉस्पिटल के अधीक्षक पद से डॉ. महेश देवनानी को हटा दिया गया है। उनकी जगह डर्मेटोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अभिषेक भारद्वाज को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फैसला करीब तीन महीने पुराने एक विवाद के बाद लिया गया, जिसमें डॉ. देवनानी का पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल (पीपी चौधरी) के साथ टकराव हुआ था।

विवाद की पृष्ठभूमि: मंत्री से अनबन और इस्तीफे की पेशकश डॉ. महेश देवनानी का विवाद इस साल अगस्त में पूर्व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी के साथ हुआ था। पीपी चौधरी, जो राजस्थान के जोधपुर क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, एम्स जोधपुर के कार्यों और मरीज सुविधाओं को लेकर असंतुष्ट थे। कथित तौर पर एक बैठक के दौरान डॉ. देवनानी और चौधरी के बीच बहस हो गई, जिसमें अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था और मरीजों की देखभाल से जुड़े मुद्दे प्रमुख थे। इस विवाद के तुरंत बाद डॉ. देवनानी ने अपना इस्तीफा एम्स प्रशासन को सौंप दिया था, लेकिन संस्थान के उच्च अधिकारियों ने इसे स्वीकार नहीं किया।हालांकि, विवाद के बाद डॉ. देवनानी पर दबाव बढ़ता गया। एम्स जोधपुर के डायरेक्टर डॉ. अजित कुमार को इस मामले की जानकारी थी, और उन्होंने आंतरिक समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया। आधिकारिक तौर पर इसे "प्रशासनिक समायोजन" बताया जा रहा है, लेकिन अनौपचारिक चर्चाओं में इसे विवाद से जोड़ा जा रहा है। डॉ. देवनानी का अंतिम कार्य दिवस बुधवार (12 नवंबर 2025) तक निर्धारित किया गया है। उसके बाद वे अपनी मूल जिम्मेदारियों पर लौटेंगे।

नई नियुक्ति: डॉ. अभिषेक भारद्वाज को अतिरिक्त चार्ज डॉ. महेश देवनानी के स्थान पर डॉ. अभिषेक भारद्वाज को अधीक्षक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। डॉ. भारद्वाज वर्तमान में एम्स जोधपुर के डर्मेटोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं और उनके पास लंबे समय से प्रशासनिक अनुभव है। वे 2018 से एम्स में कार्यरत हैं और मरीजों की त्वचा संबंधी बीमारियों के इलाज में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी नियुक्ति को एम्स प्रशासन ने "सुचारू संक्रमण" के लिए चुना है, ताकि अस्पताल के दैनिक संचालन पर कोई असर न पड़े।डॉ. भारद्वाज ने नियुक्ति स्वीकार करते हुए कहा, "मैं इस जिम्मेदारी को चुनौती के रूप में देखता हूं। एम्स जोधपुर को और मजबूत बनाने के लिए टीम के साथ मिलकर काम करूंगा। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

एम्स जोधपुर का संदर्भ: एक प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर, 2012 में स्थापित, राजस्थान का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है। यह केंद्र सरकार के तहत संचालित होता है और उत्तर-पश्चिम भारत के मरीजों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करता है। यहां प्रतिवर्ष लाखों मरीज इलाज के लिए आते हैं, और यह शिक्षा, अनुसंधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं का हब है। हाल के वर्षों में एम्स में कई प्रशासनिक बदलाव देखे गए हैं, जो संस्थान की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से किए जाते हैं।इस घटना से पहले भी एम्स जोधपुर में कुछ विवाद सामने आ चुके हैं, जैसे स्टाफ की कमी, उपकरणों की खरीद और मरीजों की बढ़ती संख्या से जुड़े मुद्दे। पूर्व मंत्री पीपी चौधरी, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, स्वास्थ्य क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और अक्सर सरकारी अस्पतालों की निगरानी करते रहे हैं। उनका एम्स के साथ जुड़ाव स्थानीय स्तर पर मजबूत है।

प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं;  यह बदलाव एम्स जोधपुर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। डॉ. भारद्वाज के नेतृत्व में अस्पताल की सेवाओं में सुधार होगा, खासकर डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड्स और मरीज प्रबंधन के क्षेत्र में। हालांकि, डॉ. देवनानी के समर्थक इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बता रहे हैं। एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह आंतरिक है और किसी बाहरी दबाव से प्रेरित नहीं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.