अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध: अबू धाबी में फंसा कोटा का परिवार, फ्लाइट टिकट 2.5 लाख तक पहुंचे, होटल खर्च के पैसे भी खत्म

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण यूएई में हवाई सेवाएं ठप होने से कोटा (राजस्थान) के कपड़ा व्यापारी राजेश पतिरा का परिवार अबू धाबी में फंस गया है। दुबई घूमने गए परिवार की वापसी फ्लाइट 1 मार्च को कैंसिल हो गई, अब केवल बिजनेस क्लास टिकट 2-2.5 लाख रुपये में उपलब्ध हैं लेकिन कोई गारंटी नहीं। परिवार होटल खर्च भी नहीं उठा पा रहा, बीमारियों से जूझ रहा है। परिजनों ने ओम बिरला समेत प्रशासन से मदद मांगी है।

Mar 6, 2026 - 14:00
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध: अबू धाबी में फंसा कोटा का परिवार, फ्लाइट टिकट 2.5 लाख तक पहुंचे, होटल खर्च के पैसे भी खत्म

मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े हिंसक संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध के कारण हजारों उड़ानें रद्द हो गईं, प्रमुख हवाई अड्डे बंद हो गए और लाखों यात्री फंस गए। इसी संकट की चपेट में राजस्थान के कोटा का एक परिवार भी आ गया है, जो दुबई घूमने गए थे लेकिन अब अबू धाबी में फंसकर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।

परिवार की कहानी और यात्रा का प्लान

कोटा के बसंत विहार निवासी कपड़ा व्यापारी राजेश पतिरा अपने परिवार के साथ छुट्टियां मनाने दुबई गए थे। उनके साथ पत्नी रीना, बेटा हर्षित, बहू साक्षी और पोता साकशत थे। राजेश के भाई चित्रक पतिरा (बारां में ऑटोमोबाइल व्यापारी) भी अपने परिवार के साथ साथ गए थे। दोनों परिवार 24 फरवरी 2026 को दुबई पहुंचे थे और वापसी की उड़ान 1 मार्च को निर्धारित थी।

युद्ध शुरू होने के साथ ही मध्य पूर्व में हवाई क्षेत्र बंद हो गए। दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हब प्रभावित हुए, जहां ईरान के जवाबी हमलों और अमेरिका-इजराइल के स्ट्राइक्स के कारण एयरस्पेस क्लोजर और उड़ानें रद्द हो गईं। राजेश पतिरा का परिवार अबू धाबी में फंस गया, जबकि चित्रक पतिरा का परिवार गुरुवार देर रात किसी तरह अहमदाबाद पहुंचने में सफल रहा।

बढ़ते खर्च और आर्थिक संकट

राजेश पतिरा ने कोटा में परिजनों को भेजे एक वीडियो में अपनी स्थिति बताई। उन्होंने कहा, "मेरे साथ पत्नी, बेटा, बहू और पोता हैं। मुझे बीपी और शुगर की बीमारी है। लगातार होटल में रहने से पैसे खत्म हो गए हैं। अब होटल का किराया भी भरना मुश्किल हो रहा है।"

सामान्य दिनों में दुबई से भारत की इकोनॉमी क्लास टिकट 22,000 से 35,000 रुपये तक होती थी, लेकिन युद्ध के कारण अब केवल बिजनेस क्लास टिकट उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद कोई गारंटी नहीं कि बुक की गई उड़ान चलेगी या आखिरी समय में कैंसिल हो जाएगी।दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (दुनिया का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हब) और अबू धाबी के जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट कई दिनों तक बंद या सीमित संचालन में रहे। हजारों उड़ानें रद्द हुईं, जिससे यात्रियों को होटल, भोजन और अन्य खर्चों में भारी बोझ पड़ रहा है।

परिजनों की चिंता और मदद की अपील

कोटा में राजेश के परिजन बेहद चिंतित हैं। वे लगातार वीडियो कॉल पर संपर्क में हैं, लेकिन स्थिति सुधार नहीं हो रही। परिवार ने स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मदद मांगी है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार और एयरलाइंस जल्द ही फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष उड़ानें या राहत व्यवस्था करेंगी।

क्षेत्रीय संकट का व्यापक प्रभाव

यह युद्ध 28 फरवरी से तेज हुआ, जिसमें अमेरिका-इजराइल ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने जवाब में गल्फ देशों (जिनमें यूएई शामिल) पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। दुबई और अबू धाबी में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। Flightradar24 के अनुसार, प्रमुख एयरपोर्ट्स पर 20,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। कई देश अपने नागरिकों को निकालने के लिए विशेष उड़ानें चला रहे हैं, लेकिन सामान्य यात्री अभी भी फंसे हुए हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.