उदयपुर हादसा: पत्नी की आत्महत्या के बाद पति ने 7 साल के बेटे की हत्या कर खुद फंदे पर लटका, सुसाइड नोट में लिखा- 'पत्नी मरी, इसलिए हम दोनों मरे'

उदयपुर के ऋषभदेव में पत्नी शारदा के फांसी लगाकर सुसाइड करने के कुछ घंटे बाद पति जगदीश (30) ने 7 साल के बेटे हिमांशु की हत्या कर दी और फिर खुद भी फंदे पर लटक गया। सुसाइड नोट में लिखा – “पत्नी मरी, इसलिए हम दोनों भी मर गए”। पुलिस जांच जारी, पत्नी की आत्महत्या का कारण अभी पता नहीं चला।

Nov 20, 2025 - 13:50
उदयपुर हादसा: पत्नी की आत्महत्या के बाद पति ने 7 साल के बेटे की हत्या कर खुद फंदे पर लटका, सुसाइड नोट में लिखा- 'पत्नी मरी, इसलिए हम दोनों मरे'

उदयपुर, 20 नवंबर 2025: राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। एक 30 वर्षीय युवक ने अपनी 27 वर्षीय पत्नी की आत्महत्या के कुछ ही घंटों बाद अपने 7 वर्ष के नाबालिग बेटे की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद खुद फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। घटना स्थल से मिले सुसाइड नोट में पति ने साफ लिखा है कि उसकी पत्नी की मौत के बाद वह और उसका बेटा भी जीना नहीं चाहते। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

घटना का क्रम और विवरण;  घटना बुधवार सुबह की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, जगदीश (30 वर्ष) नामक युवक की पत्नी शारदा (27 वर्ष) ने घर में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। शारदा की मौत की खबर मिलते ही जगदीश सदमे में आ गया। कुछ ही देर बाद उसने अपने 7 वर्षीय बेटे हिमांशु (जिसे परिवार में हेमू के नाम से पुकारा जाता था) की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि जगदीश ने बेटे को गला दबाकर या किसी अन्य तरीके से मारा, जिसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। हत्याकांड के बाद जगदीश ने खुद को कमरे में फंदे पर लटका लिया। तीनों के शव घर के अंदर ही मिले। पड़ोसियों को संदेह तब हुआ जब पूरे दिन घर से कोई आवाज नहीं आई। शाम करीब 5 बजे किसी रिश्तेदार ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। थाने की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव बरामद किए।घटना स्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें जगदीश ने अपने हाथ से लिखा था: "मेरे घर वालों की कोई गलती नहीं है। मैं खुद मर रहा हूं। हेमू (बेटा) की मम्मी मुझसे पहले फांसी लगाकर मर गई। कोई भी मेरे मां-बाप को परेशान ना करें। यह मरी इसलिए हम दोनों भी मर गए।" नोट में जगदीश ने साफ कहा है कि पत्नी की मौत के बाद वह और बेटा अकेले रहने के बजाय उसके साथ ही जाना चाहते थे। यह नोट पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सबूत है, जो मामले को सुसाइड ही साबित करता नजर आ रहा है।

दंपति का पारिवारिक पृष्ठभूमि;  जगदीश और शारदा की शादी फरवरी 2017 में हुई थी। शादी को करीब 8 वर्ष हो चुके थे और दंपति का एक ही बेटा हिमांशु था, जो पहले कक्षा में पढ़ता था। जगदीश एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था और स्थानीय स्तर पर छोटा-मोटा कारोबार या मजदूरी करता था। शारदा गृहिणी थी और घर-परिवार संभालती थी। परिवार ऋषभदेव के एक छोटे से गांव में रहता था, जहां ज्यादातर लोग कृषि और पशुपालन पर निर्भर हैं।पड़ोसियों के अनुसार, दंपति का वैवाहिक जीवन सामान्य दिखाई देता था। कोई बड़ा पारिवारिक विवाद या झगड़ा सामने नहीं आया था। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि शारदा पिछले कुछ दिनों से उदास और चुपचाप रहने लगी थी। क्या यह अवसाद या किसी अन्य कारण से जुड़ा था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जगदीश के माता-पिता का भी कोई दोष नहीं बताया जा रहा है, जैसा कि नोट में उल्लेखित है।

पुलिस जांच और बयान;  ऋषभदेव थाना प्रभारी डिप्टी राजीव राहर ने बताया, "पत्नी शारदा की आत्महत्या का सटीक कारण अभी सामने नहीं आया है। प्रारंभिक जांच में कोई सुसाइड नोट उसके पास नहीं मिला। जगदीश के नोट से साफ है कि वह पत्नी की मौत से आहत हो गया था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। बेटे की हत्या को लेकर भी फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है।" पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया है और सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है। मामले में अब तक कोई अन्य व्यक्ति का नाम सामने नहीं आया है। डिप्टी राहर ने कहा कि अगर कोई छिपा हुआ कारण या बाहरी दबाव मिला, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इसे फैमिली ट्रेजडी के रूप में देखा जा रहा है।

समाज पर असर और सवाल; यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश भी। वैवाहिक जीवन में तनाव, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और पारिवारिक दबाव अक्सर ऐसी विपत्तियां न्योता देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर काउंसलिंग और सहायता उपलब्ध कराने से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। उदयपुर जिले में पिछले एक वर्ष में कई ऐसी घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दे रही हैं।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.