उदयपुर में गैस सिलेंडर चोरी का बड़ा मामला: हर सिलेंडर से 3 किलो गैस कम, हॉकर रंगे हाथों पकड़ा गया, फिर भाग निकला
उदयपुर में मेवाड़ जावा गैस एजेंसी के हॉकर रिंकू द्वारा उपभोक्ताओं को कम वजन वाले सिलेंडर सप्लाई करने का मामला सामने आया। हर सिलेंडर में करीब 3 किलो गैस कम थी। उपभोक्ता राजन गुप्ता और भ्रष्टाचार विरोधी समिति के नरेंद्र सिंह शेखावत ने स्टिंग कर हॉकर को रंगे हाथों पकड़ा। रसद विभाग की टीम ने तीन सिलेंडर जब्त किए, लेकिन हॉकर दो सिलेंडर लेकर फरार हो गया।
उदयपुर शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई में बड़ी धांधली का खुलासा हुआ है। एक गैस हॉकर उपभोक्ताओं को कम वजन वाले सिलेंडर सप्लाई कर रहा था, जिसमें हर सिलेंडर से करीब 3 किलोग्राम गैस कम भरी जा रही थी। यह मामला तब सामने आया जब एक सतर्क उपभोक्ता और भ्रष्टाचार विरोधी संगठन के सदस्य ने मिलकर स्टिंग ऑपरेशन जैसी कार्रवाई की। हालांकि, हॉकर रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद भी चालाकी दिखाते हुए दो सिलेंडर लेकर बाइक पर फरार हो गया।
घटना की पूरी कहानी यह मामला उदयपुर के एनबी नगर, धाऊजी की बावड़ी क्षेत्र का है। यहां रहने वाले राजन गुप्ता पिछले एक साल से परेशान थे क्योंकि उनके घर में आने वाले गैस सिलेंडर असामान्य रूप से जल्दी खत्म हो जाते थे। उनके परिवार में केवल 4 सदस्य हैं, फिर भी सिलेंडर मात्र 10 दिनों में खत्म हो रहा था। राजन ने इसकी शिकायत मेवाड़ जावा गैस एजेंसी के प्रबंधक को भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।राजन गुप्ता ने राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी समिति के संभाग अध्यक्ष नरेंद्र सिंह शेखावत से संपर्क किया। दोनों ने मिलकर इस चोरी को पकड़ने का प्लान बनाया। योजना के तहत राजन गुप्ता ने एजेंसी के हॉकर रिंकू को फोन किया और पारिवारिक समारोह का बहाना बनाकर 5 गैस सिलेंडर मंगवाए।मंगलवार को हॉकर रिंकू इन 5 सिलेंडरों को लेकर राजन गुप्ता के घर पहुंचा। उसने अपने कांटे से वजन करके दावा किया कि सभी सिलेंडर पूरी तरह भरे हुए हैं और वजन सही है। लेकिन वहां पहले से मौजूद नरेंद्र सिंह शेखावत ने अपने अलग कांटे से सिलेंडरों का वजन किया। जांच में पता चला कि हर सिलेंडर में करीब 3 किलोग्राम गैस कम है।
रसद विभाग की टीम पहुंची, हॉकर फरार इसके बाद शेखावत ने तुरंत रसद विभाग (डीएसओ) को सूचना दी। विभाग की प्रवर्तन अधिकारी डॉ. निशा मूंदड़ा और मानसी पंड्या की टीम मौके पर पहुंची। टीम के आने की भनक लगते ही हॉकर रिंकू ने दो सिलेंडर बाइक पर लादे और मौके से फरार हो गया।बची हुई तीन सिलेंडरों की टीम ने फिर से कांटे से जांच की, जिसमें पुष्टि हुई कि प्रत्येक सिलेंडर में लगभग 2 किलो 800 ग्राम गैस कम भरी हुई थी। टीम ने मौके पर गैस एजेंसी के प्रबंधक विकास जावा को बुलाया और उनके बयान दर्ज किए। तीनों कम वजन वाले सिलेंडरों को जब्त कर लिया गया और मौका पर्चा तैयार किया गया।
उपभोक्ता की परेशानी और हॉकर की चालाकी राजन गुप्ता ने बताया कि वे हमेशा हॉकर से सिलेंडर का वजन करवाकर ही लेते थे। हॉकर का कांटा सही वजन दिखाता था, लेकिन असल में गैस कम होती थी। इससे सिलेंडर जल्दी खत्म हो जाता था। संभवतः हॉकर ने अपने कांटे में कोई गड़बड़ी कर रखी थी, जिससे वजन सही दिखता लेकिन वास्तविक गैस कम होती।यह मामला घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सबक है कि सिलेंडर लेते समय न केवल वजन जांचें, बल्कि स्वतंत्र रूप से सत्यापन करें। साथ ही, गैस एजेंसियों और सप्लाई चेन में ऐसी धांधली को रोकने के लिए सख्त निगरानी की जरूरत है। फिलहाल, फरार हॉकर और एजेंसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।