“कौन थी वो SDM जो 60 हजार की डील में फंस गई? एक कॉल ने खोली पूरी कहानी”

जिस पर था सबसे ज्यादा भरोसा, वही बना ACB का मोहरा… एक कॉल और पूरी साजिश का पर्दाफाश।

Apr 20, 2026 - 12:35
“कौन थी वो SDM जो 60 हजार की डील में फंस गई? एक कॉल ने खोली पूरी कहानी”

राजस्थान के करौली जिले के नादौती से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अधिकारी काजल मीणा की पहली पोस्टिंग ही उनके लिए भारी पड़ती दिख रही है। महज कुछ महीनों पहले सेवा में आईं SDM अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर चुकी हैं।

16 अप्रैल 2026 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक सुनियोजित ट्रैप कार्रवाई के तहत SDM काजल मीणा, उनके रीडर दिनेश सैनी और UDC प्रवीण धाकड़ को ₹60,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद राजस्थान सरकार ने तुरंत प्रभाव से काजल मीणा को निलंबित कर दिया, जबकि अदालत ने तीनों आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

60 हजार की रिश्वत और 4 लाख का रहस्य

मामला जमीन के बंटवारे (तकासमा) से जुड़ा है। परिवादी चरतलाल ने ACB को शिकायत दी थी कि फाइनल डिक्री जारी करने के बदले रिश्वत मांगी जा रही है। आरोप है कि SDM के निर्देश पर रीडर दिनेश सैनी ने ₹50,000 SDM के लिए और ₹10,000 अपने लिए मांगे थे।

जब ACB ने शिकायत का सत्यापन किया, तो मामला सही पाया गया। इसके बाद टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की रकम सौंपी, पैसे रीडर से UDC तक पहुंचे और उसी वक्त कार्रवाई कर तीनों को पकड़ लिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम में एक व्हाट्सएप कॉल सबसे अहम सबूत बनकर सामने आया, जिसमें रिश्वत की पुष्टि के लिए सीधे SDM से बातचीत की गई थी।

कार्रवाई के दौरान UDC के बैग से ₹60,000 के अलावा ₹4 लाख की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई। हालांकि आरोपियों ने इसे फसल बिक्री की रकम बताया, लेकिन मौके पर ठोस सबूत न मिलने पर ACB ने राशि को जब्त कर लिया।

अब जांच के घेरे में और भी राज

मामले ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि नादौती क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन जारी है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी जांच जारी है।

 ACB की बड़ी कार्रवाई

इस ट्रैप ऑपरेशन को ACB सवाई माधोपुर की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें ASP ज्ञान सिंह चौधरी समेत कई अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों की भूमिका रही।

Kashish Sain Bringing truth from the ground