राजस्थान में रहस्यमयी बीमारी का कहर: एक ही परिवार के 5 लोग गंभीर बीमार, हाथ-पैर में सूजन, मुंह हुए काले

उदयपुर के कलड़वास वेसा मगरी में रहस्यमयी बीमारी से एक ही परिवार के पांच सदस्य गंभीर बीमार हो गए। हाथ-पैर सूजे और मुंह काला पड़ने से दहशत है। पिता-पुत्र ICU में, दो महिलाएं घर पर उपचाररत हैं।

Feb 7, 2026 - 14:15
राजस्थान में रहस्यमयी बीमारी का कहर: एक ही परिवार के 5 लोग गंभीर बीमार, हाथ-पैर में सूजन, मुंह हुए काले

उदयपुर (कलड़वास): राजस्थान के उदयपुर जिले के समीपवर्ती कलड़वास क्षेत्र में एक ऐसी रहस्यमयी बीमारी ने दस्तक दी है जिसने न केवल चिकित्सा विभाग बल्कि आम जनता को भी दहशत में डाल दिया है। वेसा मगरी मोहल्ले में रहने वाले एक ही परिवार के पाँच सदस्य इस अज्ञात बीमारी की चपेट में आ गए हैं।

भयानक लक्षण: काला पड़ता चेहरा और भारी सूजन
पीड़ितों में सबसे हैरान करने वाले लक्षण देखे जा रहे हैं। बीमार सदस्यों के हाथ-पांव में असामान्य सूजन आ गई है और उनके चेहरे का रंग पूरी तरह से काला पड़ गया है। हालत इतनी बिगड़ गई कि परिवार के मुखिया सोहनलाल डांगी (61) को इलाज के लिए गुजरात ले जाना पड़ा, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनके दो पुत्र—लीलाशंकर और प्रकाश डांगी—भी उदयपुर के एक निजी अस्पताल के ICU में भर्ती हैं। घर की दो महिलाएं भी इसी बीमारी से ग्रसित हैं, जिनका घर पर उपचार चल रहा है।

26 परिवारों की बस्ती, पर निशाना सिर्फ एक घर
इस मामले ने डॉक्टरों और प्रशासन को उलझन में डाल दिया है क्योंकि इस मोहल्ले में लगभग 20-25 परिवार रहते हैं, लेकिन यह बीमारी सिर्फ सोहनलाल डांगी के परिवार तक ही सीमित है। करीब डेढ़ महीने से चल रहे इस 'बीमारी के खेल' को शुरुआत में परिजनों ने सामान्य समझा और आयुर्वेदिक उपचार कराया, लेकिन सुधार न होने पर डॉक्टरों के पास पहुंचे। अब तक उदयपुर और गुजरात के कई बड़े अस्पतालों के डॉक्टर भी बीमारी की स्पष्ट वजह नहीं पकड़ पाए हैं।

आर्थिक संकट: आयुष्मान योजना के बाद भी 8 लाख खर्च
पीड़ित परिवार पीडब्ल्यूडी विभाग से सेवानिवृत्त पंप ड्राइवर सोहनलाल का है। मुख्यमंत्री निशुल्क आयुष्मान योजना और आरजीएचएस का लाभ होने के बावजूद, बीमारी की पहचान न होने और बार-बार होने वाले टेस्ट के कारण परिवार अब तक 7 से 8 लाख रुपये खर्च कर चुका है। लगातार बढ़ते खर्च ने परिवार को आर्थिक रूप से तोड़ दिया है।

प्रदूषण या जहरीला पानी? जांच में जुटा विभाग
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर व्यापक सर्वे शुरू कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अशोक आदित्य के अनुसार:

परिवार के घर में लगे नलकूप के पानी के नमूने लिए गए हैं।

घरेलू उपयोग की वस्तुओं और आसपास के खेती-बाड़ी वाले स्थानों से सैंपल एकत्र किए गए हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पास में स्थित आयड़ नदी में फैक्ट्रियों का जहरीला केमिकल सीधे बहाया जा रहा है, जिससे भूजल (Groundwater) दूषित हो सकता है।

इलाके में दहशत का माहौल
वर्तमान में पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। लोग पानी पीने और नलकूपों के इस्तेमाल से डर रहे हैं। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, ताकि इस जानलेवा रहस्य का खुलासा हो सके और अन्य लोगों को इससे बचाया जा सके।

Web Desk Web Desk The Khatak