जयपुर सेंट्रल जेल में गोलीकांड का रहस्य… सर्विस राइफल से चली मौत की गूंज, क्या ये हादसा था या कुछ और?
जयपुर सेंट्रल जेल में रविवार सुबह हुआ एक हादसा अब एक रहस्य बनता जा रहा है। ड्यूटी पर तैनात RAC जवान गिरधारी की सर्विस राइफल से चली गोली ने उनकी जान ले ली, लेकिन असल में गोली कैसे चली—यह सवाल अभी भी अनसुलझा है। अचानक आई गोली की आवाज और उसके बाद बैरक में मिला खून से लथपथ जवान—इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस इस मामले को अभी दो अलग-अलग एंगल से देख रही है—क्या यह महज एक दुर्घटना थी, या इसके पीछे कोई और वजह छिपी है? राइफल की सफाई के दौरान हादसा हुआ या फिर कोई और परिस्थिति बनी, इस पर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है, लेकिन सच क्या है—यह पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आ पाएगा।
जयपुर सेंट्रल जेल परिसर में रविवार सुबह एक दर्दनाक और रहस्यमयी हादसे ने पूरे सुरक्षा तंत्र को हिला कर रख दिया। ड्यूटी पर तैनात राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (RAC) के एक जवान की सर्विस राइफल से चली गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, आरएसी की 10वीं बटालियन के जवान गिरधारी काफी समय से जयपुर सेंट्रल जेल में टावर पर सिक्योरिटी ड्यूटी पर तैनात थे। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह जेल परिसर के बाहर बने अस्थायी बैरक में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक एक तेज गोली चलने की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास मौजूद अन्य जवान तुरंत सतर्क हो गए।
आवाज सुनकर साथी जवान जब बैरक की ओर पहुंचे तो अंदर का नजारा बेहद भयावह था। जवान गिरधारी खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े थे और उनकी सर्विस राइफल पास में पड़ी थी। गोली सीधे उनके सीने में लगी थी, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी।
घटना के तुरंत बाद जेल स्टाफ और अन्य जवानों ने बिना देरी किए उन्हें SMS अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे की सूचना मिलते ही लालकोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हर पहलू से मामले की जांच की जा रही है।
दो एंगल पर जांच में उलझा मामला
इस घटना को लेकर पुलिस अभी किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। शुरुआती जांच में दो संभावित एंगल सामने आए हैं, जिन पर गहनता से जांच चल रही है।
पहले एंगल के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि जवान ने संभवतः राइफल को जमीन पर टिकाकर खुद को गोली मारी हो सकती है। इस स्थिति में गोली सीधे सीने में लगने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि इस थ्योरी की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
वहीं दूसरे एंगल में यह संभावना भी जताई जा रही है कि राइफल की सफाई या हैंडलिंग के दौरान अचानक ट्रिगर दबने से गोली चल गई हो और यह हादसा हो गया हो। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उस समय हथियार सुरक्षित स्थिति में था या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक सुरक्षित माने जाने वाले जेल परिसर में इस तरह का हादसा कैसे हुआ, यह भी जांच का अहम विषय बन गया है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी। तब तक यह घटना एक रहस्यमयी हादसे के रूप में बनी हुई है, जिसकी परतें धीरे-धीरे खुलने की उम्मीद है।