भरतपुर में बेरोजगारी के सदमे से 6 युवा मित्रों की मौत, 2 ने की सुसाइड: राजीव गांधी युवा मित्रों ने निकाली जोरदार रैली, सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
राजस्थान के भरतपुर में राजीव गांधी युवा मित्रों ने 9 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट से संभागीय आयुक्त कार्यालय तक हल्ला बोल रैली निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार की राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप योजना को केवल राजीव गांधी के नाम के कारण बंद कर दिया, जिससे लगभग 5000 युवा बेरोजगार हो गए। युवाओं का दावा है कि बेरोजगारी के सदमे से 6 युवाओं की मौत हो चुकी है और 2 ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने मांग की कि आगामी अटल प्रेरक योजना या अन्य भर्तियों में उनके अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी जाए, अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
भरतपुर, 9 फरवरी 2026: राजस्थान के भरतपुर जिले में आज राजीव गांधी युवा मित्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर संभागीय आयुक्त कार्यालय तक निकाली गई इस रैली में सैकड़ों युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई 'राजीव गांधी युवा मित्र इंटर्नशिप योजना' को केवल राजीव गांधी के नाम से जुड़े होने के कारण पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिससे हजारों युवा बेरोजगार हो गए।
युवा मित्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय मीणा ने बताया कि पिछली सरकार में राज्य भर में लगभग 5 हजार राजीव गांधी युवा मित्रों की भर्ती की गई थी। ये युवा विभिन्न विभागों में इंटर्नशिप के रूप में कार्यरत थे और उन्हें मानदेय मिलता था। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार बनते ही योजना को समाप्त कर दिया गया। संजय मीणा ने कहा, "अगर सरकार को राजीव गांधी के नाम से परेशानी थी, तो योजना का नाम बदलकर भी जारी रख सकती थी। लेकिन सरकार ने युवाओं का रोजगार छीन लिया, जो पूरी तरह गलत है।"
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि बेरोजगारी और आर्थिक तंगी के कारण अब तक 6 युवा मित्रों की सदमे से मौत हो चुकी है, जबकि 2 युवाओं ने सुसाइड कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन घटनाओं पर सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की और न ही कोई राहत प्रदान की। युवाओं ने कहा कि बेरोजगारी के इस संकट ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है।
युवा मित्रों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील की कि आगामी 'अटल प्रेरक' योजना या अन्य किसी सरकारी भर्ती में इन युवाओं को उनके अनुभव के आधार पर प्राथमिकता दी जाए। संजय मीणा ने चेतावनी दी कि अगर मांग नहीं मानी गई, तो उन्हें मजबूरन बड़े स्तर पर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पहले जयपुर में शहीद स्मारक पर 72 दिनों तक धरना दिया जा चुका है, लेकिन सरकार ने केवल आश्वासन दिए हैं, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
यह रैली 'हल्ला बोल रैली' के रूप में आयोजित की गई थी, जो राज्य के विभिन्न संभागों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी है। युवा मित्र संघर्ष समिति ने कहा कि भरतपुर के बाद अन्य संभागों में भी ऐसे प्रदर्शन जारी रहेंगे और अंत में जयपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।