सिगरेट के रुपये मांगने पर मारपीट और जातिसूचक गाली देने का मामला: 10 हजार का इनामी बदमाश दो साल बाद गिरफ्तार

बालोतरा के पचपदरा में सिगरेट के रुपये मांगने पर दुकानदार के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने के मामले में दो साल से फरार मुख्य आरोपी रमेशदान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके सिर पर 10 हजार रुपये का इनाम था। एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।

Jan 1, 2026 - 11:57
सिगरेट के रुपये मांगने पर मारपीट और जातिसूचक गाली देने का मामला: 10 हजार का इनामी बदमाश दो साल बाद गिरफ्तार

राजस्थान के बालोतरा जिले में एक पुराने मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। सिगरेट के रुपये मांगने पर दुकानदार के साथ मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने और गाली-गलौज करने वाले मुख्य आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। यह आरोपी पिछले दो साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था और उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पचपदरा थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

घटना की पूरी जानकारी यह घटना 21 सितंबर 2023 की शाम की है। शाम करीब सवा पांच बजे के आसपास आरोपी रमेशदान (उर्फ मुख्य आरोपी) अपने साथियों करण, चंदेल, धर्मेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, धर्मपाल सिंह और कुछ अन्य लोगों के साथ पचपदरा क्षेत्र में मुंशीराम की दुकान पर पहुंचे। आरोपियों ने दुकान से सिगरेट ली, लेकिन उसके पैसे देने से इनकार कर दिया। जब दुकानदार मुंशीराम ने रुपये मांगने की कोशिश की, तो आरोपी भड़क उठे।आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर दुकानदार का अपमान किया और गाली-गलौज की। यह मामला दलित समुदाय से जुड़े होने के कारण काफी संवेदनशील था। घटना के अगले दिन यानी 22 सितंबर 2023 को पीड़ित मुंशीराम की पत्नी संतोष मीना (झुंझुनूं जिले के लांबा गोढ़ड़ा निवासी) ने पचपदरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

कानूनी कार्रवाई और एससी-एसटी एक्ट घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (एससी-एसटी एक्ट) की धाराओं के तहत दर्ज किया। यह एक्ट जातीय आधार पर अपमान, मारपीट या भेदभाव के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करता है।पुलिस ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू की, लेकिन मुख्य आरोपी रमेशदान उर्फ रमेश दान (पुत्र अचलदान, मूल निवासी भांडू चारणान, थाना शेरगढ़, वर्तमान पता भूरटिया सूरसागर, जोधपुर) लगातार जगह बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा। वह दो साल तक फरार रहा, जिससे जांच में काफी दिक्कतें आईं।

इनाम घोषित और तकनीकी मदद से गिरफ्तारी आरोपी की लगातार फरारी देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक ने उसे पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की और उसके सिर पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। पुलिस ने सख्त निर्देश दिए कि आरोपी को किसी भी कीमत पर पकड़ा जाए।अंततः तकनीकी जांच (जैसे मोबाइल लोकेशन, सर्विलांस) और मुखबिरों के नेटवर्क की मदद से पुलिस को आरोपी का पता चला। पचपदरा थाना पुलिस की टीम ने उसे जोधपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया।

मामले का प्रभाव यह मामला एससी-एसटी एक्ट से जुड़ा होने के कारण सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय रहा। ऐसे मामलों में पुलिस की सक्रियता और देरी से गिरफ्तारी समाज में न्याय की उम्मीद जगाती है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.