टैक्सी में बैठी बुजुर्ग की चेन गायब! 'फैमिली चोर गैंग' की नई ठगी .
जोधपुर की सड़क पर गुजरात की शातिर 'फैमिली चोर गैंग' ने कमाल कर दिया – टैक्सी में मां-बहन का नाटक, बुजुर्ग आशा देवी (65) को बीच रास्ते उतारा, और पलक झपकते ही गले से 20 ग्राम सोने की चेन गायब! "दो मिनट में आता हूं" कहकर ड्राइवर फुर्र... अब पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही, गुजरात कनेक्शन तलाश रही। सावधान! अगला निशाना आप न बन जाएं!
जोधपुर, 28 अक्टूबर 2025: शहर की सड़कों पर घूम रही गुजरात की कुख्यात 'फैमिली चोर गैंग' ने एक बार फिर अपनी शातिर चाल चली। महामंदिर थाना क्षेत्र में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को टैक्सी में फंसाकर सोने की चेन चुरा ली गई। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच में गुजरात से आई इस गैंग का नाम जोर-शोर से उभर रहा है, जो परिवार के बहाने यात्रियों को फंसाकर चोरी की वारदातें अंजाम देती है।
घटना की पूरी कहानी: टैक्सी बनी बुजुर्ग की मुसीबत
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे का वक्त था। विश्वकर्मा नगर, भदवासिया की रहने वाली आशा देवी जैन (65 वर्ष), पत्नी ज्ञानचंद नाहर, अपने दैनिक कामकाज से लौट रही थीं। महामंदिर चौराहे पर उन्होंने एक टैक्सी रोकी और भदवासिया जाने के लिए चढ़ गईं। टैक्सी में पहले से ही दो महिलाएं और एक पुरुष सवार थे, जो खुद को 'परिवार' बताते हुए बातें कर रहे थे। रास्ते में चालक ने अचानक गाड़ी रोकी और कहा, "मैं इन सवारियों को थोड़ा आगे छोड़ आता हूं, बस दो मिनट में लौट जाऊंगा।" आशा देवी ने भरोसा करते हुए इंतजार किया, लेकिन चालक और बाकी सवार गायब हो गए।करीब 20 मिनट बाद जब आशा देवी ने अपने गले पर हाथ फेरा, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। 20 ग्राम की सोने की चेन, जो उनके लिए अनमोल स्मृति थी, गायब थी! सदमे में वे तुरंत परिजनों को फोन किया। परिजन उन्हें लेकर महामंदिर थाने पहुंचे, जहां आशा देवी ने पूरी घटना बयान की। थानाधिकारी ने तुरंत आईपीसी की धारा 379 (चोरी) के तहत अज्ञात व्यक्ति/व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।आशा देवी ने बताया, "वे लोग इतने विश्वासघाती थे। महिलाएं तो मां-बहन जैसी लग रही थीं, और पुरुष ने भी परिवार का हवाला दिया। चेन चुराने का अंदाजा भी न चला। अब सोचकर डर लगता है।" उनके पति ज्ञानचंद ने कहा, "हमारी उम्र में ऐसी ठगी असहनीय है। पुलिस से न्याय की उम्मीद है।"
गुजरात की 'फैमिली गैंग' का काला कारनामा: परिवार बनकर सेंकड़ों चोरियां
जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि गुजरात से सक्रिय एक संगठित गिरोह का कमाल है। इस गैंग को 'फैमिली चोर गैंग' कहा जाता है, जो गुजरात के अहमदाबाद, दाहोद और साबरमती इलाकों से संचालित होती है। गैंग के सदस्य परिवार का भेष धारण कर टैक्सी, बस या ऑटो में सवार होते हैं। महिलाएं पीड़ितों से बातचीत कर उनका ध्यान भटकाती हैं, जबकि पुरुष चुपके से चेन, कंगन या नकदी उड़ा लेते हैं। चालक अक्सर उनका ही साथी होता है, जो बीच रास्ते गाड़ी छोड़ भाग जाता है।पुलिस के अनुसार, यह गैंग राजस्थान में कई शहरों में सक्रिय है। जयपुर के सिंधी कैंप थाने में इसी साल फरवरी में इसी तरह की तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया था, जो बस यात्रियों से 50 लाख के जेवर चुरा चुकी थीं। जुलाई में माणक चौक थाने ने बुजुर्ग महिलाओं को निशाना बनाने वाली इसी गैंग के सदस्यों को दिल्ली से पकड़ा। जोधपुर में भी महामंदिर, पावटा और सरदारगढ़ इलाकों में पिछले तीन महीनों में ऐसी पांच वारदातें दर्ज हो चुकी हैं, जहां बुजुर्गों को टारगेट किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह गैंग ड्रोन ट्रैकिंग और सीसीटीवी की मदद से पकड़ी जा रही है। गुजरात पुलिस के साथ समन्वय में हमारी टीमें अलर्ट हैं।"गैंग की खासियत यह है कि वे हमेशा 'परिवार' का नाटक रचती हैं—दो महिलाएं, एक पुरुष और कभी-कभी बच्चे भी। वे गुजराती-राजस्थानी मिश्रित बोली बोलकर संदेह कम करती हैं। चोरी के बाद जेवरों को अहमदाबाद के कबाड़ी बाजारों में बेच दिया जाता है।
पुलिस की कार्रवाई: जांच तेज, गैंग पर शिकंजा
महामंदिर थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता के बयान और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। टैक्सी का नंबर ट्रेस किया जा चुका है, जो किसी लोकल ड्राइवर के नाम पर रजिस्टर्ड है, लेकिन संदिग्ध लग रहा। गुजरात पुलिस से संपर्क कर गैंग के फोटो और पुराने मामलों की डिटेल्स मांगी गई हैं। एसपी जोधपुर ग्रामीण ने स्पेशल टीम गठित की है, जिसमें ड्रोन सर्विलांस का इस्तेमाल होगा। "ऐसी ठगियों को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों को जल्द न्याय मिलेगा," उन्होंने कहा।
सावधानी बरतें: बुजुर्गों के लिए खास सलाह
अनजान टैक्सी या शेयर्ड राइड्स से बचें; ऐप-बेस्ड सेवाओं का इस्तेमाल करें।
कीमती जेवर बाहर न पहनें, खासकर अकेले सफर के दौरान।
संदिग्ध व्यवहार दिखे तो तुरंत हेल्पलाइन 100 पर कॉल करें।
परिवार के बहाने आने वालों पर भरोसा न करें; हमेशा सतर्क रहें।
यह घटना शहरवासियों गुजरात की इस शातिर गैंग ने राजस्थान को अपना शिकार बनाया है, लेकिन पुलिस की सतर्कता से अपराधियों का सफाया तय है। अपडेट्स के लिए बने रहें।