राजस्थान में नशे पर बड़ा प्रहार बालेसर से 50 किलो MD जब्त, गिरोह का पर्दाफाश..
जोधपुर के बालेसर क्षेत्र के बावरली गांव में ANTF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की। कार्रवाई के दौरान तस्करों और पुलिस के बीच फायरिंग हुई, जिसके बाद 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह मामला बड़े ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ा माना जा रहा है और पुलिस अब इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
जोधपुर 26 अप्रैल 2026 (राजस्थान) :-राजस्थान में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जोधपुर जिले के बालेसर क्षेत्र के बावरली गांव में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में करीब 50 किलो एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बरामद की गई है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
गुप्त सूचना पर हुई घेराबंदी
सूत्रों के अनुसार ANTF को पहले से ही इस इलाके में बड़ी खेप आने की सूचना मिल चुकी थी। इसी आधार पर टीम ने रणनीति बनाकर बावरली गांव में घेराबंदी की। संदिग्ध गतिविधियों के चलते जैसे ही टीम ने दबिश दी, तस्करों ने भागने की कोशिश की।
आमने-सामने फायरिंग, हालात बने तनावपूर्ण
कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में ANTF ने भी सतर्कता के साथ मोर्चा संभाला। कुछ समय तक चली इस मुठभेड़ के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और मौके से करीब आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
करोड़ों की ड्रग्स बरामद, बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
बरामद की गई एमडी ड्रग्स की मात्रा को देखते हुए यह मामला किसी बड़े अंतरराज्यीय या संगठित गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पश्चिमी राजस्थान के रास्ते अन्य राज्यों तक नशे की सप्लाई करता था।
बड़े सरगनाओं तक पहुंचना अब भी चुनौती
हालांकि इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन सवाल अब भी बरकरार है कि इस नेटवर्क के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन हैं। अक्सर ऐसे मामलों में छोटे स्तर के तस्कर पकड़ में आते हैं, जबकि बड़े चेहरे कानून के शिकंजे से दूर रह जाते हैं।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल ANTF और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
राजस्थान में लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयां यह संकेत देती हैं कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज हो चुका है। लेकिन इस लड़ाई को पूरी तरह जीतने के लिए जरूरी है कि केवल सप्लाई चेन ही नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपे बड़े नेटवर्क और आर्थिक तंत्र को भी तोड़ा जाए।