कोटा में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क: पाकिस्तानी हैंडलर से मिलते थे ऑर्डर, इंजीनियरिंग स्टूडेंट सहित 4 गिरफ्तार

कोटा में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। इंजीनियरिंग स्टूडेंट मोहम्मद अमजद अपने साथियों के साथ 50 से ज्यादा बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम ट्रांसफर करता था। पुलिस ने आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर कई मोबाइल, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद की है।

Apr 23, 2026 - 12:00
कोटा में साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क: पाकिस्तानी हैंडलर से मिलते थे ऑर्डर, इंजीनियरिंग स्टूडेंट सहित 4 गिरफ्तार

राजस्थान के कोटा में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने से जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इस नेटवर्क का सरगना 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र मोहम्मद अमजद है, जो पिछले डेढ़ साल से इस गिरोह को संचालित कर रहा था और सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से निर्देश ले रहा था।

43.50 लाख की ठगी से खुला मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत 8 दिसंबर 2025 को हुई, जब विज्ञान नगर थाने में 43 लाख 50 हजार रुपए की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद पुलिस और साइबर टीम ने जांच शुरू की, जिसमें एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। 16 अप्रैल 2026 को पुलिस ने अमजद और उसके तीन साथियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया।

एमपी में पढ़ाई, कोटा से नेटवर्क ऑपरेट

पुलिस के अनुसार अमजद पिछले तीन साल से भोपाल में रह रहा था और मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक निजी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के साथ-साथ उसने साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा कर लिया।

मजदूरों के बैंक अकाउंट बनते थे टूल

अमजद ने शुरुआत में आसपास रहने वाले मजदूरों और कम जानकारी रखने वाले लोगों को निशाना बनाया। उनके बैंक अकाउंट ठगी के पैसों को ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। इसके बदले खाताधारकों को कमीशन दिया जाता था।

उसके तीन साथी—दीपक, राहुल और विजय—अलग-अलग लोगों से बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाते थे। हर एक अकाउंट के बदले करीब 7 हजार रुपए दिए जाते थे।

पूरी “बैंक किट” लेता था गिरोह

गिरोह सिर्फ बैंक अकाउंट ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी पूरी किट भी अपने पास रखता था। इसमें सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, पासबुक और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल होते थे। काम खत्म होने के बाद ये सामान वापस लौटा दिया जाता था।

जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क ने 50 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल किया, जिनके जरिए ठगी की रकम UPI और कैश डिपॉजिट के माध्यम से ट्रांसफर की जाती थी।

पैसे का ट्रेल और पाकिस्तानी कनेक्शन

ठगी की रकम पहले इन खातों में डाली जाती थी, फिर अमजद और उसका पाकिस्तानी हैंडलर इसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे, जिससे ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

खुद के भी 5 अकाउंट इस्तेमाल किए

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अमजद ने अपने नाम से भी 5 बैंक अकाउंट खोले हुए थे, जिनका इस्तेमाल वह ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में करता था। शुरुआती जांच में उसके खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा होने की पुष्टि हुई है।

9 मोबाइल और कई सामान बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से 9 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें 2 आईफोन शामिल हैं। इसके अलावा एक एप्पल लैपटॉप, गूगल पे स्कैनर, 29 एटीएम कार्ड, 13 बैंक पासबुक, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म और करीब 2 लाख रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।

बुजुर्ग का अकाउंट भी किया इस्तेमाल

गिरोह ने भोपाल के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग का बैंक अकाउंट भी इस्तेमाल किया था, जो आरोपी के आसपास ही रहता था। इसके बदले आरोपी ने उसे कमीशन दिया था।

पुलिस कर रही गहराई से जांच

फिलहाल पुलिस सभी बैंक खातों, मोबाइल डेटा और ट्रांजेक्शन की गहन जांच कर रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पाकिस्तान कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.