'अगला निशाना कौन होगा किसी को नहीं पता'… जानिए राज्यसभा चुनाव के हंगामे पर अशोक गहलोत ने क्यों कही यह बड़ी बात?

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने पर भड़के अशोक गहलोत

Jun 9, 2026 - 23:05
Jun 9, 2026 - 23:05
'अगला निशाना कौन होगा किसी को नहीं पता'… जानिए राज्यसभा चुनाव के हंगामे पर अशोक गहलोत ने क्यों कही यह बड़ी बात?

मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बहुत बड़ा भूचाल आया हुआ है। संख्या बल के हिसाब से जो सीटें कांग्रेस के खाते में जानी तय थीं, वहां अचानक पासा पलट गया। कांग्रेस की आधिकारिक उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पर्चा आखिरी वक्त में रद्द (रिजेक्ट) कर दिया गया, जिसके बाद से पूरी कांग्रेस पार्टी में हड़कंप मच गया है।

अब इस पूरे राजनीतिक ड्रामे पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का बड़ा बयान सामने आया है। गहलोत ने एक ऐसी बात कह दी है जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए पूछा है कि "आज हमारे साथ ऐसा हुआ है, कल किसी को नहीं पता कि अगला निशाना कौन होगा!"

मध्य प्रदेश में आखिर क्या हुआ यह बड़ा खेल?

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना तय हुआ है। विधायकों की संख्या के हिसाब से गणित बिल्कुल साफ था— दो सीटें बीजेपी को और एक सीट कांग्रेस को मिलनी पक्की थी। लेकिन बीजेपी ने बड़ा दांव खेलते हुए दो के बजाय तीन उम्मीदवार मैदान में उतार दिए। इसके बाद से ही कांग्रेस को किसी बड़े उलटफेर का डर सताने लगा था।

कांग्रेस को अपने विधायकों के टूटने का इतना डर था कि उन्होंने मंगलवार को ही विधायकों को दूसरे राज्य के रिजॉर्ट में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली थी। लेकिन इसी बीच खबर आई कि स्क्रूटनी (पर्चों की जांच) के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के फॉर्म में कुछ गलती पाई गई और उनका नामांकन ही रद्द कर दिया गया। यानी बिना चुनाव हुए ही कांग्रेस के हाथ से यह सीट खिसक गई।

अशोक गहलोत ने खोला मोर्चा: लगाया 'वोट चोरी' का आरोप

इस घटना से नाराज अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा:

"मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की कैंडिडेट मीनाक्षी नटराजन जी का नॉमिनेशन रद्द करवाना भाजपा की लोकतंत्र का गला घोंटने वाली हरकत है। ये लोग चुनावों को फ्री एंड फेयर (निष्पक्ष) तरीके से लड़ ही नहीं सकते। फॉर्म कैंसिल करने के लिए जो तर्क दिए जा रहे हैं, वो बिल्कुल भी सही नहीं हैं। यह एक प्रकार से कांग्रेस से सीट छीनने की साजिश है और यही तो वो 'वोट चोरी' है जिसकी बात राहुल गांधी बार-बार करते हैं।"

गहलोत ने आगे सभी विपक्षी दलों को सचेत करते हुए कहा कि चाहे लोकसभा हो या राज्यसभा, बीजेपी अपना संख्याबल बढ़ाने के लिए किसी भी हद तक पैंतरेबाजी कर रही है। आज सभी दलों को एकजुट होकर इसके खिलाफ बोलना चाहिए, क्योंकि अगला निशाना कोई भी हो सकता है।

झारखंड का उदाहरण देकर उठाए सवाल, अब चुनाव आयोग जाएगी कांग्रेस

कांग्रेस का आरोप है कि नियमों को लेकर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला झारखंड से भी सामने आया है, जहां बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और उद्योगपति परिमल नाथवानी के फॉर्म में भी गलती पाई गई थी। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि झारखंड में उम्मीदवार को गलती सुधारने और जवाब देने का पूरा मौका मिला, जबकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा सीधे खारिज कर दिया गया।

फिलहाल मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और राजस्थान के वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी लगातार वहां मोर्चा संभाले हुए हैं। इस अन्याय के खिलाफ अब कांग्रेस देश की सबसे बड़ी चुनावी अदालत यानी चुनाव आयोग (Election Commission) का दरवाजा खटखटाने जा रही है। सचिन पायलट, केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल और जयराम रमेश जैसे दिग्गज नेता दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे।

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