49+2 का जवाब बना ‘60’! श्रीगंगानगर के स्कूल में शिक्षा मंत्री के सवाल पर छात्र का अनोखा जवाब चर्चा में ?

श्रीगंगानगर के एक सरकारी स्कूल में शिक्षा मंत्री के दौरे के दौरान 8वीं कक्षा के छात्र से 49+2 का सवाल पूछा गया। छात्र ने सामान्य उत्तर (51) देने के बजाय ‘60’ जवाब दिया, जिसे उसने बहुमत की सोच से जोड़ा। इस घटना के बाद शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों को फटकार लगाई और शिक्षा स्तर सुधारने के निर्देश दिए। मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।

Apr 26, 2026 - 11:31
49+2 का जवाब बना ‘60’! श्रीगंगानगर के स्कूल में शिक्षा मंत्री के सवाल पर छात्र का अनोखा जवाब चर्चा में ?

श्रीगंगानगर।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के एक सरकारी स्कूल में शिक्षा मंत्री के दौरे के दौरान एक दिलचस्प व चर्चा में आ गया मामला सामने आया। यहां कक्षा 8 के एक छात्र से पूछे गए बेहद आसान गणित के सवाल ने अचानक माहौल को गंभीर और फिर हास्यपूर्ण बना दिया।

दरअसल, शिक्षा मंत्री स्कूल निरीक्षण के दौरान बच्चों के शैक्षणिक स्तर को परख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक छात्र से साधारण सवाल पूछा—“49 में 2 जोड़ेंगे तो कितना होगा?”

यह सवाल इतना आसान था कि सामान्यतः छोटे बच्चे भी तुरंत जवाब दे देते हैं, लेकिन छात्र कुछ पल के लिए चुप रहा।

छात्र ने ‘बहुमत’ के नजरिए से लगाया हिसाब

कुछ सेकंड सोचने के बाद छात्र ने जो जवाब दिया, उसने वहां मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया। छात्र ने कहा—“49 में 2 जोड़ेंगे तो 60 हो जाएंगे।”

छात्र के इस जवाब को सुनकर पहले तो सभी हैरान रह गए, फिर माहौल हल्का हो गया।

बताया जा रहा है कि छात्र ने इस सवाल को सामान्य गणित के बजाय ‘बहुमत’ की सोच से जोड़कर देखा। उसे लगा कि 49 से 2 जोड़ने पर संख्या बहुमत के करीब पहुंचती है, इसलिए उसने सुरक्षित बहुमत की सोच के साथ 60 का आंकड़ा बता दिया।

शिक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

हालांकि, इस घटना को लेकर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी भी जताई। उन्होंने इसे छात्र की बुनियादी गणितीय समझ की कमी और शिक्षण व्यवस्था में लापरवाही से जोड़ा। मौके पर मौजूद शिक्षकों को फटकार लगाई गई और छात्रों की पढ़ाई के स्तर को सुधारने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद मंत्री ने अन्य छात्रों से भी सवाल पूछे और उनकी समझ को परखा। एक छात्रा को ब्लैकबोर्ड पर ‘श्रीराम’ लिखने के लिए कहा गया, ताकि उसकी लिखने की क्षमता का आकलन किया जा सके।

घटना बनी चर्चा का विषय

यह पूरा मामला अब इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ जहां इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर छात्र के जवाब को लेकर लोग इसे हल्के-फुल्के अंदाज में भी ले रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की बुनियादी समझ को मजबूत करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। श्रीगंगानगर की यह घटना एक तरफ हंसी का कारण बनी, तो दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को भी उजागर कर गई।