चलती ट्रेन में लगी भयानक आग, मची अफरा-तफरी, देखें कैसे बची 1500 लोगों की जान
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के बीच 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस में भीषण आग लग गई। ट्रेन के 4 जनरल डिब्बे जले, लेकिन सभी 1500 यात्री सुरक्षित। जानें पूरी खबर और रेलवे का रेस्क्यू ऑपरेशन।
शुक्रवार दोपहर पंजाब में एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल) जा रही 12508 कर्मभूमि एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना फतेहगढ़ साहिब के साधूगढ़ और पटियाला के सराय बंजारा रेलवे स्टेशन के बीच दोपहर करीब 1:15 बजे हुई। राहत की बात यह रही कि ट्रेन में सवार लगभग 1,500 यात्रियों में से किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
पंखे में शॉर्ट सर्किट से भड़की आग
सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के एसएचओ गुरप्रीत सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग एक कोच के पंखे में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। देखते ही देखते आग ने इंजन के ठीक पीछे लगे जनरल डिब्बों को अपनी चपेट में ले लिया। अंबाला मंडल के सीनियर डीसीएम यशनजीत सिंह ने बताया कि आग से तीन कोच पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि चौथे कोच को आंशिक नुकसान पहुंचा है। यह पूरी ट्रेन अनरिजर्व्ड (अनारक्षित) थी, जिसमें कुल 22 कोच थे।
दहशत में यात्रियों ने ट्रेन से लगाई छलांग
आग लगते ही डिब्बों में धुंआ भर गया और यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। सराय बंजारा स्टेशन के पास ट्रेन का सेफ्टी सिस्टम एक्टिवेट हो गया और ट्रेन रुक गई। ट्रेन रुकते ही दहशत में आए कई यात्रियों ने डिब्बों से छलांग लगा दी और जान बचाने के लिए पास के खेतों की तरफ भागने लगे।
रेलवे और प्रशासन का त्वरित एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही अंबाला मंडल रेलवे और पंजाब प्रशासन तुरंत हरकत में आ गए।
-
बिजली सप्लाई बंद: सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले दोनों ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइनों की पावर सप्लाई बंद कर दी गई।
-
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा: ट्रेन के गार्ड और लोको पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते हुए कोचों को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया, जिससे आग पीछे के डिब्बों में नहीं फैल सकी।
-
अधिकारियों का दौरा: फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। अंबाला रेलवे मंडल के DRM विनोद कुमार भाटिया और मेडिकल टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया।
यात्रियों के लिए लंगर और 2 स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था
उत्तरी रेलवे के CPRO हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि हादसे के बाद सभी यात्रियों को बसों और अन्य साधनों से करीब 500 मीटर दूर स्थित सराय बंजारा स्टेशन ले जाया गया। रेलवे और स्थानीय गुरुद्वारा साहिब के सहयोग से स्टेशन पर यात्रियों के लिए चाय, पीने का पानी, बिस्किट और लंगर की व्यवस्था की गई। इसके बाद, यात्रियों को उनके गंतव्य (न्यू जलपाईगुड़ी) तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए सराय बंजारा स्टेशन से दो विशेष ट्रेनें (Special Trains) चलाई गईं।
8 ट्रेनों का रूट डायवर्ट, यातायात फिर से बहाल
कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लगने के कारण इस रूट का रेल यातायात प्रभावित हुआ। रेलवे द्वारा जारी डायवर्जन प्लान के मुताबिक, डाउन दिशा की 5 और अप दिशा की 3 (कुल 8) ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया। रेलवे टीमों ने तत्परता दिखाते हुए जले हुए डिब्बों को ट्रैक से हटाया और बाधित ट्रैक को साफ कर रेल यातायात पूरी तरह से बहाल कर दिया है। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।