ट्रैक्टर शोरूम में सन्नाटा, ई-बाइक की दुकानों पर मेला! जानिए बाड़मेर के दिवाली बाजार पर अकाल का कैसा पड़ा असर?
बाड़मेर में इस बार दिवाली पर अकाल और कम बारिश का असर साफ दिख रहा है। पिछले साल के मुकाबले ट्रैक्टर की बिक्री आधी से भी कम रह गई है, जबकि ई-बाइक्स और कपड़ा बाजार में भारी उछाल है।
त्योहारी सीजन में जहां एक तरफ शहर के बाजार रोशनी और ग्राहकों से गुलजार हैं, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले ट्रैक्टर उद्योग में इस बार सन्नाटा पसरा हुआ है
ट्रैक्टर शोरूमों में छाई मायूसी, बिक्री 250 के पार भी नहीं
आमतौर पर किसान धनतेरस और दिवाली के मौके पर समृद्धि के प्रतीक के रूप में नए ट्रैक्टर की पूजा कर उसे घर ले जाते हैं
डीलर्स के मुताबिक, इस साल खरीफ की फसल (बाजरा, मूंग, ग्वार, तिल आदि) की अच्छी पैदावार न होने से किसानों के हाथ में नकदी नहीं आई है
ई-बाइक्स की मांग में जबरदस्त उछाल
जहां कृषि प्रधान क्षेत्रों के ऑटोमोबाइल बाजारों (ट्रैक्टर) में चिंताजनक स्थिति है, वहीं दुपहिया वाहनों और खासकर ई-बाइक्स की बिक्री में तेजी आई है
कपड़ा, किराना और इलेक्ट्रॉनिक बाजार में बूम
ट्रैक्टर बाजार भले ही ठंडा हो, लेकिन बाड़मेर शहर के स्टेशन रोड बाजार में दिवाली की खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है
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किराना और हैंडलूम: किराना और हैंडलूम की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है
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गारमेंट्स और मॉल: कपड़ा मार्केट और मॉल्स में खरीदारी के लिए लोगों का जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है
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इलेक्ट्रॉनिक्स और बर्तन: इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स और स्टील के बर्तनों की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ है
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हर साल दिवाली पर खरीदारी के रिकॉर्ड टूटते हैं क्योंकि खरीफ फसल से आई नकदी को किसान जमीन, सोना या ट्रैक्टर जैसी चीजों में निवेश करते हैं