'चवन्नी' का वांटेड! जानिए पुलिस ने फरार नेता क्यों रखा महज 25 पैसे का इनाम

बारां के नाहरगढ़ वन रेंज ऑफिस में मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में फरार भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा पर पुलिस ने 'चवन्नी' (25 पैसे) का इनाम घोषित किया है। जानिए क्या है पूरा मामला और पुलिस के इस अनोखे दांव के पीछे की वजह।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
November 6, 2026 • 11:54 PM  5
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राजस्थान
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'चवन्नी' का वांटेड! जानिए पुलिस ने फरार नेता क्यों रखा महज 25 पैसे का इनाम
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6 Nov 2026
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'चवन्नी' का वांटेड! जानिए पुलिस ने फरार नेता क्यों रखा महज 25 पैसे का इनाम

बारां जिले में वन विभाग के कार्यालय में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी नरेश मीणा की तलाश में पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। इस मामले में पुलिस ने एक बेहद अनोखा कदम उठाते हुए आरोपी पर महज 25 पैसे (चवन्नी) का इनाम घोषित किया है। पुलिस की कई टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

पुलिस ने क्यों रखा सिर्फ 'चवन्नी' का इनाम?

अमूमन पुलिस अपराधियों पर हजारों या लाखों रुपये का इनाम रखती है, लेकिन नरेश मीणा पर 25 पैसे का इनाम रखने के पीछे पुलिस की एक खास रणनीति है। पुलिस का मकसद इस आरोपी को पकड़वाने के लिए कोई बड़ा आर्थिक लालच देना नहीं है, बल्कि उसके सामाजिक और राजनीतिक कद को ठेस पहुंचाना है। 'चवन्नी' का इनाम घोषित कर पुलिस जनता के बीच आरोपी की छवि को हास्यास्पद और छोटा साबित करना चाहती है। आपको बता दें कि इससे पहले भरतपुर पुलिस भी एक मोस्ट वांटेड अपराधी का रुतबा कम करने के लिए इसी तरह 25 पैसे का इनाम घोषित कर चुकी है।

क्या है पूरा विवाद? (1 नवंबर की घटना)

यह पूरा मामला 1 नवंबर का है, जब भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ नाहरगढ़ वन रेंज कार्यालय पर धावा बोल दिया था। आरोप है कि भीड़ ने दफ्तर में घुसकर वनरक्षक प्रदीप सिंह और अन्य कर्मचारियों के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान सरकारी दस्तावेजों को फाड़ दिया गया और वन विभाग द्वारा जब्त किया गया जनरेटर व अन्य सामान भीड़ जबरन अपने साथ ले गई।

पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी

अटरू डीएसपी रामानंद यादव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वनकर्मियों की शिकायत के आधार पर नाहरगढ़ थाने में नरेश मीणा और उसके समर्थकों के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

मुख्य आरोपी नरेश की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार देर रात पुलिस ने छीपाबड़ौद थाना क्षेत्र के गुंड़ई गांव स्थित एक फार्म हाउस पर अचानक छापा मारा। हालांकि, पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वहां मौजूद लोग भाग निकले। पुलिस टीम ने फार्म हाउस और उसके आसपास के इलाके में सघन तलाशी ली और स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

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