अरावली बचाओ अभियान से लेकर राजनीति और ट्रैफिक जागरूकता तक राजस्थान की ताजा खबरें.

राजस्थान में अरावली पर्वतमाला को बचाने का अभियान जोरों पर है, जिसमें AI जनरेटेड वीडियो और सोशल मीडिया कैंपेन शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के नवंबर 2025 फैसले से खनन का खतरा बढ़ा है। गंगनहर शताब्दी समारोह में अर्जुन राम मेघवाल ने गीत गाया, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आहोर में विकास कार्यों का उद्घाटन कर विपक्ष पर तंज कसा। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी अनिल चिंदा और पीके मस्त ह्यूमर से जागरूकता फैला रहे हैं।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 19, 2025 • 4:21 PM  10
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राजस्थान
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अरावली बचाओ अभियान से लेकर राजनीति और ट्रैफिक जागरूकता तक राजस्थान की ताजा खबरें.
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अरावली बचाओ अभियान से लेकर राजनीति और ट्रैफिक जागरूकता तक राजस्थान की ताजा खबरें.

राजस्थान में इन दिनों अरावली पर्वतमाला को बचाने की मुहिम जोरों पर है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, लोग विभिन्न तरीकों से इस अभियान में जुड़ रहे हैं। इसी क्रम में एक अनोखा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें AI जनरेटेड 'दादी' अरावली की पहाड़ियों पर घूमते हुए भावुक अपील कर रही हैं। दादी कहती हैं, "बालकों, आज तुम्हारी दादी का मन बहुत उदास है। अरावली कोई पहाड़ नहीं, यह तुम्हारे जीवन की ढाल है।" यह वीडियो अभियान को नया रंग दे रहा है और लोगों का ध्यान खींच रहा है।

इस अभियान की पृष्ठभूमि

सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से जुड़ी है। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की नई परिभाषा स्वीकार की, जिसमें केवल 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियां ही अरावली रेंज का हिस्सा मानी जाएंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे अरावली की 90% से अधिक हिस्सा संरक्षण से बाहर हो जाएगा, जिससे खनन को खुली छूट मिल सकती है। पर्यावरणविदों का मानना है कि यह फैसला थार मरुस्थल के विस्तार को बढ़ावा देगा, भूजल स्तर गिराएगा और जैव विविधता को नुकसान पहुंचाएगा। अरावली उत्तर भारत की 'ग्रीन बैरियर' है, जो रेगिस्तान को आगे बढ़ने से रोकती है।

सोशल मीडिया पर #SaveAravalli ट्रेंड कर रहा है। नाथद्वारा की इन्फ्लूएंसर जिगिशा जोशी ने वीडियो पोस्ट कर कहा, "राजस्थान में खेजड़ी के पेड़ के लिए अमृता देवी बिश्नोई ने सिर कटा दिया था। ये तो पूरी पर्वत माला की बात है। अरावली कोई लाइन या नंबर नहीं, जिसे काट या मिटा दिया जाए। यह राजस्थान का अस्तित्व है। एसी कमरों में बैठकर हमारी अरावली पर फैसला मत करो।" इसके अलावा गाने, मीम्स और अनोखे तर्कों से अभियान चल रहा है। पुष्कर में सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने 100 टन रेत से अरावली की कलाकृति बनाकर संदेश दिया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पिक्चर बदलकर अभियान का समर्थन किया और केंद्र से पुनर्विचार की मांग की।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का गीत और गंगनहर शताब्दी समारोह 

केंद्रीय विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल गाने-भजन के शौकीन हैं और मौका मिलते ही गुनगुनाने लगते हैं। श्रीगंगानगर के साधुवाली में गंगनहर के शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई बड़े नेता मौजूद थे। यहां मेघवाल ने महाराजा गंगा सिंह की याद में एक भक्त का किस्सा सुनाया, जो स्मारक पर जूतियां हाथ में लेकर दंडवत कर रहा था। फिर उन्होंने पुराना बॉलीवुड गीत गाया – "सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था, आज भी है और कल भी रहेगा।" यह गीत महाराजा गंगा सिंह के योगदान को समर्पित था, जिन्होंने 100 साल पहले गंगनहर बनवाई और रेगिस्तान को हरा-भरा किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विपक्ष पर तंज 

जालोर के आहोर में 338 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "सरकार ने दो साल में इतने काम किए जो पिछली सरकार पांच साल में नहीं कर पाई। विपक्ष को विकास दिखता ही नहीं या जानबूझकर नहीं देखना चाहते।" संत कबीर की पंक्तियां याद करते हुए बोले, "निंदक नीरे राखिए... अगर विकास के काम नजर नहीं आ रहे तो हमने चिकित्सा कैंप लगाए हैं, आंखों की मुफ्त जांच करा लें, चश्मा भी मिल जाएगा।"

 ट्रैफिक पुलिस के 'मस्त' अधिकारी जो चालान काटते भी दिल जीत लेते हैं 

राजस्थान में दो ट्रैफिक पुलिस अधिकारी सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हैं। हनुमानगढ़ के सीआई अनिल चिंदा और जयपुर के इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार उर्फ 'पीके मस्त'। दोनों नियम तोड़ने वालों से शिष्टता से पेश आते हैं और ह्यूमर से जीवन की सीख देते हैं।

हनुमानगढ़ में अनिल चिंदा ने बुलेट बाइक पर साइलेंसर से धमाका करने वाले को पकड़ा। बोले, "धमाका नहीं हुआ तो बाइक तेरी, हुआ तो हमारी।" रेस देने पर धमाका हुआ तो चालान काटा और कहा, "महोदय, गाड़ी हम गाजे-बाजे से थाने ले जा रहे हैं, आप गांधीजी की तरह पैदल मार्च करें। यह लो छोटी सी ताम्रपत्री (चालान की कॉपी)।"

जयपुर में पीके मस्त ने दुपहिया चालक का टूटी स्ट्रिप वाला हेलमेट चेक किया और बोले, "ये टूटी तो समझो जिंदगी टूटी।" पीके मस्त हास्य कवि भी हैं और ट्रैफिक अवेयरनेस के लिए वीडियो बनाते हैं, जो वायरल होते हैं। उनके वीडियो से लोग नियम मानने लगते हैं, बुरा भी नहीं मानते।

ये सभी घटनाएं राजस्थान की राजनीति, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता की जीवंत तस्वीर पेश करती हैं। अरावली अभियान जैसे मुद्दे राज्य के भविष्य से जुड़े हैं, जबकि हल्के-फुल्के अंदाज में ट्रैफिक जागरूकता लोगों को पसंद आ रही है।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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