भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर लगाम अब परिणाम में अभ्यर्थी का नाम-रोल नंबर संग फोटो भी, बोर्ड लेगा विधिक राय के बाद बड़ा फैसला

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) भर्ती परीक्षा परिणामों में अभ्यर्थी का नाम, रोल नंबर के साथ फोटो भी शामिल करने पर विचार कर रहा है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बोर्ड विधिक राय ले रहा है, उसके बाद ही अंतिम निर्णय होगा।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
October 29, 2025 • 3:12 PM  15
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भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर लगाम अब परिणाम में अभ्यर्थी का नाम-रोल नंबर संग फोटो भी, बोर्ड लेगा विधिक राय के बाद बड़ा फैसला
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भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर लगाम अब परिणाम में अभ्यर्थी का नाम-रोल नंबर संग फोटो भी, बोर्ड लेगा विधिक राय के बाद बड़ा फैसला

जयपुर, 29 अक्टूबर 2025: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएमएसएसबी) ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का फैसला किया है। अब भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने के दौरान अभ्यर्थियों के नाम और रोल नंबर के साथ-साथ उनकी फोटो भी शामिल की जाएगी। यह बदलाव भर्ती परीक्षाओं में होने वाले फर्जीवाड़े, जैसे प्रॉक्सी उम्मीदवारों की घुसपैठ या गलत पहचान, को रोकने में मील का पत्थर साबित हो सकता है। हालांकि, इस नवीनतम प्रस्ताव को लागू करने से पहले बोर्ड विधिक राय ले रहा है, और केवल विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

फर्जीवाड़े की बढ़ती घटनाओं ने किया मजबूर

राजस्थान में सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और नकल के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के वर्षों में कई मामलों में प्रॉक्सी अभ्यर्थी परीक्षा देकर असली उम्मीदवारों के नाम पर सफलता हासिल कर लेते हैं, जिससे मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि परिणाम में फोटो जोड़ने से अभ्यर्थी आसानी से अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे, और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ को तत्काल पकड़ा जा सकेगा। यह कदम न केवल बोर्ड की विश्वसनीयता बढ़ाएगा, बल्कि लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा भी मजबूत करेगा।आरएसएमएसएसबी के अधिकारियों के अनुसार, यह विचार हाल ही में आयोजित एक आंतरिक बैठक में उभरा, जहां भर्ती प्रक्रिया की कमजोरियों पर चर्चा हुई। बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि "हमारी प्राथमिकता है कि भर्ती प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष और तकनीकी रूप से मजबूत हो। फोटो शामिल करने से परिणाम की पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन गोपनीयता संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए हम विधिक विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं।" वर्तमान में, बोर्ड की वेबसाइट पर परिणाम केवल रोल नंबर और नाम के आधार पर जारी होते हैं, लेकिन अब प्रस्तावित बदलाव से डिजिटल फोटो को मेरिट लिस्ट या पीडीएफ में एम्बेड किया जाएगा।

विधिक राय क्यों जरूरी? गोपनीयता vs पारदर्शिता का संतुलन

यह कदम उठाने से पहले बोर्ड विधिक सलाहकारों से परामर्श कर रहा है, क्योंकि फोटो सार्वजनिक करने से अभ्यर्थियों की निजता (प्राइवेसी) का मुद्दा उठ सकता है। डेटा प्रोटेक्शन एक्ट और आईटी नियमों के तहत, व्यक्तिगत जानकारी को साझा करने पर सख्त प्रतिबंध हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फोटो केवल आधिकारिक वेबसाइट पर सुरक्षित मोड में उपलब्ध हो और अभ्यर्थी की सहमति से हो, तो यह कानूनी रूप से वैध हो सकता है। बोर्ड ने इस संबंध में राज्य के विधि विभाग को पत्र लिखा है, और राय मिलने के बाद ही इसे सभी आगामी भर्तियों—जैसे एलडीसी, जूनियर असिस्टेंट या ग्रेजुएट लेवल सीईटी—में लागू किया जाएगा। अनुमान है कि निर्णय अगले कुछ हफ्तों में आ सकता है।

अन्य कदम जो फर्जीवाड़ा रोकने में सहायक

यह प्रस्ताव बोर्ड की हालिया गाइडलाइंस का हिस्सा लगता है, जो मार्च 2025 में जारी की गई थीं। इनमें आधार कार्ड को अनिवार्य करना, परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन, और फॉर्म वापसी की सीमित सुविधा शामिल हैं। इन बदलावों से पहले ही नकल के कई केस पकड़े गए हैं। उदाहरण के लिए, अगस्त 2024 में एलडीसी परीक्षा के दौरान आधार वेरिफिकेशन से 200 से अधिक संदिग्ध अभ्यर्थियों को रोका गया था। फोटो वाले परिणाम से यह प्रक्रिया और मजबूत हो जाएगी, क्योंकि सफल अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन के समय फोटो से तुरंत मैच हो सकेगा।अभ्यर्थी संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है। राजस्थान अभ्यर्थी संघ के अध्यक्ष ने कहा, "यह लंबे समय से चली आ रही मांग थी। फोटो से कोई भी फर्जी सफलता का दावा नहीं कर सकेगा।" हालांकि, कुछ अभ्यर्थी गोपनीयता को लेकर चिंतित हैं, इसलिए बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि फोटो केवल आवश्यक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होगी और डेटा सुरक्षित रखा जाएगा।

भविष्य की संभावनाएं: डिजिटल भर्ती का नया दौर

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो राजस्थान अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगा। केंद्र सरकार के कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने भी इसी तरह के कदमों पर विचार किया है, लेकिन अभी तक लागू नहीं किया। तकनीकी रूप से, बोर्ड अपनी वेबसाइट (rsmssb.rajasthan.gov.in) पर एक नया सेक्शन जोड़ सकता है, जहां अभ्यर्थी लॉगिन कर फोटो संग परिणाम देख सकें। इससे पेपरलेस और तेज प्रक्रिया भी संभव होगी।

 

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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