बालोतरा रिफाइनरी में तेंदुए का तांडव: 22 घंटे से आतंक, दो कर्मचारी घायल, रेस्क्यू टीम नाकाम

पिछले 22 घंटों से यह जंगली जानवर रिफाइनरी परिसर में आतंक का पर्याय बना हुआ है। इस दौरान तेंदुए के हमले में रिफाइनरी के दो कर्मचारी घायल हो गए हैं

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
March 26, 2025 • 3:00 PM  322
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राजस्थान
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बालोतरा रिफाइनरी में तेंदुए का तांडव: 22 घंटे से आतंक, दो कर्मचारी घायल, रेस्क्यू टीम नाकाम
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बालोतरा रिफाइनरी में तेंदुए का तांडव: 22 घंटे से आतंक, दो कर्मचारी घायल, रेस्क्यू टीम नाकाम

रिपोर्ट जसवंत सिंह शिवकर - बालोतरा के पचपदरा इलाके में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में मंगलवार शाम से एक तेंदुए ने हड़कंप मचा रखा है। पिछले 22 घंटों से यह जंगली जानवर रिफाइनरी परिसर में आतंक का पर्याय बना हुआ है। इस दौरान तेंदुए के हमले में रिफाइनरी के दो कर्मचारी घायल हो गए हैं, जिसके बाद मजदूरों और अधिकारियों में डर का माहौल व्याप्त है। जोधपुर से बुलाई गई विशेष रेस्क्यू टीम भी इसे पकड़ने में अब तक नाकाम रही है। 

घटना की शुरुआत और हड़कंप

यह घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे शुरू हुई, जब तेंदुआ अचानक रिफाइनरी कैंपस में घुस आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेंदुआ तेजी से परिसर में दाखिल हुआ और कुछ ही देर में उसने वहां मौजूद लेबर पर हमला कर दिया। हमले में दो कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही रिफाइनरी में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में भगदड़ की स्थिति बन गई। HPCL के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और तेंदुए की खोज शुरू की, लेकिन वह कैंपस के किसी कोने में छिप गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन और तेंदुए की चाल

तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम को बुलाया गया, लेकिन रातभर की कोशिशों के बावजूद सफलता नहीं मिली। बुधवार सुबह कुछ मिनटों के लिए तेंदुआ रिफाइनरी के बाहर दिखाई दिया, जिससे उम्मीद जगी कि उसे पकड़ा जा सकेगा। लेकिन वह फिर से तेजी से कैंपस के अंदर कूद गया। इसके बाद जोधपुर से विशेष रेस्क्यू टीम को बुलाया गया, जो ड्रोन और अन्य आधुनिक उपकरणों के साथ तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। पुलिस और प्रशासन भी मौके पर मौजूद है, लेकिन अब तक तेंदुआ उनके हाथ नहीं लगा।

रिफाइनरी का हाल और भविष्य

पचपदरा की यह रिफाइनरी HPCL का एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसका बड़ा हिस्सा निर्माण के अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि यह रिफाइनरी जल्द ही शुरू हो सकती है, जो क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास का एक बड़ा कदम होगी। हालांकि, तेंदुए की मौजूदगी ने अब इस परियोजना के कर्मचारियों और अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। रिफाइनरी का विशाल परिसर और आसपास का जंगल इस जानवर के लिए छिपने की जगह मुहैया करा रहा है।

मजदूरों में डर, काम ठप

तेंदुए के आतंक के चलते रिफाइनरी में कामकाज प्रभावित हुआ है। मजदूरों में डर का माहौल है और कई लोग काम पर लौटने से कतराने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के जंगली इलाकों से कभी-कभी जानवर रिहायशी क्षेत्रों में आ जाते हैं, लेकिन रिफाइनरी जैसे सुरक्षित परिसर में इस तरह की घटना पहली बार हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और रिफाइनरी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। 

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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