मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, आईटी-ऑटो शेयरों में गिरावट; Nifty Auto और Nifty IT इंडेक्स 2% तक फिसले
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। ऑटो और आईटी सेक्टर में बिकवाली के चलते Nifty Auto और Nifty IT इंडेक्स में 1 से 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, मिडिल ईस्ट (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इसका सबसे अधिक असर ऑटोमोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिला।
कारोबार के दौरान Nifty Auto और Nifty IT इंडेक्स में 1 से 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने जोखिम वाले सेक्टरों में मुनाफावसूली की, जिससे कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए।
ऑटो सेक्टर पर सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पड़ा। तेल महंगा होने से वाहन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स और परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है। इससे ऑटो कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है, जिसके चलते निवेशकों ने इस सेक्टर में बिकवाली की।
वहीं आईटी सेक्टर भी दबाव में रहा। वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी बाजारों में कमजोरी के कारण निवेशकों ने आईटी शेयरों में भी बिकवाली की। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं तो आईटी कंपनियों के निर्यात कारोबार और नई डील्स पर भी असर पड़ सकता है।
मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इक्विटी बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है।
आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और तेल की कीमतों में स्थिरता आती है, तो ऑटो और आईटी शेयरों में फिर से सुधार देखने को मिल सकता है।