ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने रोडवेज ड्राइवर को जड़ा थप्पड़, 2 घंटे बंधक बनाकर पीटने का आरोप

जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर शुक्रवार सुबह ट्रैफिक इंस्पेक्टर और रोडवेज बस ड्राइवर के बीच जमकर बवाल हुआ। ड्राइवर ने इंस्पेक्टर पर मारपीट और बंधक बनाने का आरोप लगाया है, वहीं इंस्पेक्टर ने ड्राइवर पर बस चढ़ाने का आरोप लगाया है।

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yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
November 6, 2026 • 5:10 PM  2
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ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने रोडवेज ड्राइवर को जड़ा थप्पड़, 2 घंटे बंधक बनाकर पीटने का आरोप
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ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने रोडवेज ड्राइवर को जड़ा थप्पड़, 2 घंटे बंधक बनाकर पीटने का आरोप

राजधानी जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहां एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर रोडवेज बस के ड्राइवर के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। मामला इतना बढ़ गया कि रोडवेज कर्मचारी फेडरेशन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ड्राइवर का आरोप है कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने केबिन में घुसकर उसका गिरेबान पकड़ा, थप्पड़ मारा और ड्यूटी रूम में ले जाकर दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। दूसरी तरफ, ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने इन आरोपों को नकारते हुए ड्राइवर पर लापरवाही से बस चलाने और खुद पर बस चढ़ाने के प्रयास का आरोप लगाया है।

'टायर पंक्चर था, जबरन सवारियां बैठाने का बना रहे थे दबाव'

पीड़ित बस ड्राइवर सतवीर डागुर (57) ने बताया कि वह गुरुवार रात करीब 11 बजे भरतपुर से जयपुर पहुंचे थे। शुक्रवार सुबह 7:10 बजे उनकी ड्यूटी जयपुर से आगरा मार्ग पर थी। सतवीर के मुताबिक, बस का टायर पंक्चर था, जिसे वह ठीक करवाने ले जा रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 7:30 बजे ट्रैफिक इंस्पेक्टर लोकेश चौधरी (30) लोअर-टीशर्ट पहने हुए आए और 20-30 सवारियों को जबरन बस में बैठाने का दबाव बनाने लगे।

सतवीर ने बताया, "मैंने उन्हें पंक्चर की बात कही, लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने बस पर मुक्के मारे, गालियां दीं और केबिन में घुसकर मेरा गिरेबान पकड़ लिया। मुझे खींचते हुए नीचे उतारा और थप्पड़ मारा। इसके बाद मुझे पकड़कर ड्यूटी रूम ले गए और सुबह 9 बजे तक बंद रखकर मारपीट की। मेरे और कंडक्टर के साथ बुरी तरह गाली-गलौज की गई।" बाद में सुबह 11:30 बजे टायर ठीक करवाकर ड्राइवर सवारियों को लेकर भरतपुर के लिए रवाना हुआ।

ट्रैफिक इंस्पेक्टर की सफाई- 'बस रोकने का इशारा किया, उसने स्पीड बढ़ा दी'

इस पूरे मामले पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर लोकेश चौधरी का पक्ष बिल्कुल अलग है। उनका कहना है कि वे सुबह करीब 6:10 बजे ड्यूटी ऑफिसर के साथ व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे थे। प्लेटफॉर्म नंबर 1 से बाहर आते समय उन्होंने देखा कि कुछ यात्री बस पकड़ने के लिए दौड़ रहे हैं।

लोकेश चौधरी ने कहा, "यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैंने बस ड्राइवर को रुकने का इशारा किया। लेकिन रुकने के बजाय उसने बस की स्पीड और बढ़ा दी। मुझे अपनी जान बचाने के लिए तुरंत साइड में कूदना पड़ा। जब मैंने उसे बस रोककर नीचे उतरने को कहा, तो वह गालियां देने लगा और बोला- 'तू होता कौन है गाड़ी रुकवाने वाला?' स्थिति बिगड़ने और अपनी सुरक्षा के डर से मुझे केबिन में जाना पड़ा।"

रोडवेज कर्मचारी फेडरेशन में भारी आक्रोश

इस घटना के बाद राजस्थान रोडवेज के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारी फेडरेशन के महामंत्री सत्यनारायण शर्मा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि निगम के किसी अधिकारी द्वारा ड्यूटी पर तैनात एक उम्रदराज ड्राइवर के साथ इस तरह मारपीट करना पूरी तरह से गलत और अमानवीय है। फेडरेशन ने निगम प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ तुरंत और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

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