सऊदी अरब में संदिग्ध मौत: बालोतरा के युवक रमेश कुमार मेघवाल का शव एक महीने बाद भारत पहुंचा, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पैरवी से मिली सफलता

राजस्थान के बालोतरा जिले के सोहड़ा गांव के युवक रमेश कुमार मेघवाल की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के एक महीने बाद उनका शव भारत लाया गया। एजेंटों द्वारा धोखा देकर ले जाए जाने और वहां शोषण-मारपीट के आरोप लगे हैं। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की विदेश मंत्री से पैरवी और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से शव दिल्ली पहुंचा और जयपुर होते हुए गांव लाया जाएगा। परिवार मौत की निष्पक्ष जांच और एजेंटों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 18, 2025 • 11:33 AM  1.1k
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
सऊदी अरब में संदिग्ध मौत: बालोतरा के युवक रमेश कुमार मेघवाल का शव एक महीने बाद भारत पहुंचा, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पैरवी से मिली सफलता
“सऊदी अरब में संदिग्ध मौत: बालोतरा के युवक रमेश कुमार मेघवाल का शव एक महीने बाद भारत पहुंचा, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पैरवी से मिली सफलता”
Favicon
Read more on thekhatak.com
18 Dec 2025
https://www.thekhatak.com/saudi-arabia-indian-worker-ramesh-meghwal-suspicious-death-body-repatriated-balotra-rajasthan
Google News
Copied
सऊदी अरब में संदिग्ध मौत: बालोतरा के युवक रमेश कुमार मेघवाल का शव एक महीने बाद भारत पहुंचा, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की पैरवी से मिली सफलता

राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा तहसील स्थित सोहड़ा (मेघवालों की ढाणी) गांव के 19 वर्षीय युवक रमेश कुमार मेघवाल की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के लगभग एक महीने बाद आखिरकार उनका पार्थिव शरीर भारत लाया गया। 18 दिसंबर 2025 को सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर शव पहुंचने की जानकारी सामने आई है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल की सक्रिय पैरवी और विदेश मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के बाद यह प्रक्रिया पूरी हुई। शव को दिल्ली से जयपुर लाया जाएगा और वहां कानूनी औपचारिकताओं के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। इसके बाद सड़क मार्ग से इसे पैतृक गांव सोहड़ा ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।

घटना की शुरुआत: रोजगार की तलाश में विदेश गए रमेश रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्टूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज निवासी) और रोशन अली (जाजवा, गिड़ा निवासी) के साथ रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में उन्होंने यह कदम उठाया। रमेश एक मेहनती और पढ़े-लिखे युवक थे, जिन्होंने हायर सेकंडरी में अच्छे अंक प्राप्त किए थे।परिजनों से आखिरी बार 13 नवंबर 2025 को बात हुई थी, उसके बाद उनका फोन बंद हो गया। 17 नवंबर को परिवार को सूचना मिली कि रमेश की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। भारतीय दूतावास द्वारा जारी डेथ सर्टिफिकेट में मौत का कारण आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार और स्थानीय लोग इसे संदिग्ध मान रहे हैं। सऊदी पुलिस की जांच, पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के कारण शव को भारत लाने में काफी देरी हुई।

परिवार के गंभीर आरोप: एजेंटों पर शोषण और मारपीट का इल्जाम मृतक के बड़े भाई गेनाराम मेघवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, रमेश को सऊदी अरब ले जाने वाले चार एजेंटों - सवाई खान, छोटू खान, बहादुर खान और चेनाराम - ने उन्हें धोखा दिया। एजेंटों ने ऊंटों की देखभाल का हल्का काम बताया था, जिसमें रोजाना सिर्फ 2-3 घंटे काम, आराम, एसी कमरा और कूलर जैसी सुविधाएं promised की गईं।लेकिन वहां पहुंचने पर हालात पूरी तरह उलट थे। रमेश को 20-25 की जगह करीब 100 ऊंटों की देखभाल करनी पड़ रही थी। काम ज्यादा और सहयोगी कम होने से उन पर लगातार दबाव बनाया जाता था। भाषा न समझ पाने के कारण उन्हें अतिरिक्त प्रताड़ना झेलनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि रमेश के साथ मारपीट होती थी और साथ गए बहादुर खान नामक व्यक्ति ने भी कोई मदद नहीं की। इन हालातों ने रमेश को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ दिया, जिससे उनकी मौत हुई। परिवार मौत की निष्पक्ष जांच और एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।शव न आने से पिछले एक महीने से परिवार की हालत बदतर हो गई थी। घर में हर दिन मातम छाया रहता था और परिजन रो-रोकर बेहाल थे। मां तेजू बाई तो बेटे की अंतिम दर्शन की आस में हर दिन टूटती जा रही थीं।

सांसद बेनीवाल की सक्रिय भूमिका मामला 18 नवंबर 2025 को सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के संज्ञान में आया। उन्होंने तुरंत भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर संपर्क कर कार्रवाई का आग्रह किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विदेश मंत्री और सऊदी दूतावास को पत्र लिखे।जब देरी जारी रही, तो 5 दिसंबर 2025 को सांसद बेनीवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से व्यक्तिगत मुलाकात की। उन्होंने भारत सरकार के खर्च पर शव शीघ्र लाने, मौत की कानूनी जांच कराने और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने की मांग की। मंत्री जी ने प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया।इसके अलावा, जब एक महीने तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो परिवार ने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और सऊदी दूतावास को नोटिस जारी कर तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। इन सभी प्रयासों का नतीजा रहा कि आखिरकार शव भारत पहुंच गया।

शव की वापसी की यात्रा सांसद बेनीवाल के अनुसार, रमेश का पार्थिव शरीर दम्माम (सऊदी अरब) एयरपोर्ट से रात 12:05 बजे रवाना हुआ और 18 दिसंबर 2025 सुबह 06:45 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। दोपहर 12:35 बजे दिल्ली से जयपुर के लिए रवाना होगा और 1:25 बजे जयपुर पहुंचेगा। जयपुर में कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। जयपुर से सोहड़ा गांव तक एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दी गई है।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter