जोधपुर में हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग पर बवाल स्थानीय लोगों ने किया विरोध, परमिशन और सेफ्टी प्लान को लेकर उठाए सवाल ?

जोधपुर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-16 में 132 केवी हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लोगों का आरोप था कि बिना जरूरी अनुमति और सेफ्टी कॉरिडोर प्लान के काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने दावा किया कि सभी स्वीकृतियां पहले से मिल चुकी हैं और लाइन लोगों की सुरक्षा के लिए हटाई जा रही है। विरोध और बहस के बाद पुलिस की मौजूदगी में शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया।

Basanti Parmar
Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
July 30, 2026 • 2:58 PM | Jodhpur  5
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राजस्थान
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जोधपुर में हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग पर बवाल स्थानीय लोगों ने किया विरोध, परमिशन और सेफ्टी प्लान को लेकर उठाए सवाल ?
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जोधपुर में हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग पर बवाल स्थानीय लोगों ने किया विरोध, परमिशन और सेफ्टी प्लान को लेकर उठाए सवाल ?

जोधपुर: शहर के चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-16 में गुरुवार सुबह 132 केवी हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने पहुंचे डिस्कॉम और हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को स्थानीय लोगों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि बिना जरूरी अनुमति और सेफ्टी कॉरिडोर प्लान के लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू किया जा रहा है। विरोध के दौरान अधिकारियों और रहवासियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।

क्या है पूरा मामला?

चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर-16 क्षेत्र से गुजर रही 132 केवी हाईटेंशन लाइन लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई है। गुरुवार को डिस्कॉम और हाउसिंग बोर्ड की टीम इस लाइन को शिफ्ट करने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों ने काम शुरू होते ही आपत्ति जताई।

रहवासियों का कहना था कि अधिकारियों के पास न तो मौके पर आवश्यक अनुमति के दस्तावेज थे और न ही सेफ्टी कॉरिडोर का स्पष्ट प्लान। लोगों ने मांग की कि पहले सभी दस्तावेज और स्वीकृतियां सार्वजनिक की जाएं, उसके बाद ही कार्य शुरू किया जाए।

अधिकारियों और लोगों के बीच हुई तीखी बहस

जब स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से परमिशन और तकनीकी स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज दिखाने की मांग की तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। अधिकारियों ने कहा कि सभी आवश्यक स्वीकृतियां ली जा चुकी हैं और संबंधित दस्तावेज पुलिस प्रशासन को दिखाए जाएंगे।

इस दौरान माहौल इतना गर्म हो गया कि कुछ लोगों ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो वे काम रुकवा देंगे।

लोगों का आरोप—कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बदली जा रही लाइन

विरोध कर रहे लोगों का आरोप था कि हाईटेंशन लाइन को सार्वजनिक हित के बजाय कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शिफ्ट किया जा रहा है। उनका कहना था कि पूरे मामले में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही और स्थानीय नागरिकों को विश्वास में भी नहीं लिया गया।

अधिकारियों का पक्ष—लोगों की सुरक्षा के लिए लिया गया फैसला

हाउसिंग बोर्ड और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन को हटाने का उद्देश्य किसी को फायदा पहुंचाना नहीं, बल्कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार यह लाइन आबादी के ऊपर से गुजर रही है, जिससे भविष्य में हादसे की आशंका बनी रहती है। इसलिए तकनीकी प्रक्रिया के तहत लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।

2001 में हो चुका है हादसा

स्थानीय निवासी दीपक बिस्सा के अनुसार वर्ष 2001 में इसी हाईटेंशन लाइन की वजह से एक हादसा हो चुका था। उस समय क्षेत्र में आबादी कम थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में मकान बन चुके हैं। वर्तमान में यह लाइन कुछ मकानों, धार्मिक स्थल और हाउसिंग बोर्ड के खाली प्लॉटों के ऊपर से गुजर रही है, जिससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।

लाइन शिफ्टिंग के लिए पहले ही जमा हो चुकी है राशि

जानकारी के अनुसार, अगस्त 2023 में हाउसिंग बोर्ड ने 132 केवी लाइन शिफ्ट करने के लिए राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम को करीब 1.29 करोड़ रुपये जमा करवा दिए थे। इसके अलावा करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम से भी आवश्यक अनुमति मिलने की बात अधिकारियों ने कही है।

अधिकारियों का कहना है कि लाइन हटने के बाद हाउसिंग बोर्ड की खाली जमीन और प्लॉटों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा, साथ ही लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

अधिकारियों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले नगर निगम आयुक्त की मौजूदगी में इस परियोजना को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें पूरा प्लान प्रस्तुत किया गया था। उनका दावा है कि प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है।

फिलहाल शुरू हुआ शिफ्टिंग का काम

काफी देर तक चले विरोध और बहस के बाद आखिरकार हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया गया। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है तो वे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर विरोध जारी रखेंगे।

Basanti Parmar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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