सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतें 1 जनवरी 2026 से होंगी सस्ती: पीएनजीआरबी की नई यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी

पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने प्राकृतिक गैस पाइपलाइन टैरिफ को सरल बनाते हुए नई यूनिफाइड स्ट्रक्चर लागू की है, जिससे 1 जनवरी 2026 से पूरे देश में सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतें औसतन 2-3 रुपये प्रति यूनिट सस्ती हो जाएंगी। अब केवल दो जोन होंगे, और सीएनजी-पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए हर जगह जोन-1 का कम टैरिफ (54 रुपये/MMBTU) लागू होगा, जिससे सालाना करीब 1000 करोड़ की बचत होगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 19, 2025 • 2:23 PM  8
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सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतें 1 जनवरी 2026 से होंगी सस्ती: पीएनजीआरबी की नई यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी
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सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतें 1 जनवरी 2026 से होंगी सस्ती: पीएनजीआरबी की नई यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर की पूरी जानकारी

देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने प्राकृतिक गैस पाइपलाइन ट्रांसपोर्टेशन टैरिफ में बड़ा बदलाव किया है। इस नई यूनिफाइड टैरिफ स्ट्रक्चर के तहत, 1 जनवरी 2026 से कॉम्प्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की कीमतें कम हो जाएंगी। उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट औसतन 2 से 3 रुपये की बचत होने की उम्मीद है, जो राज्य और लागू टैक्स पर निर्भर करेगा।

क्या है यह नया बदलाव? पीएनजीआरबी ने गैस पाइपलाइन टैरिफ को सरल बनाने के लिए जोन की संख्या को तीन से घटाकर दो कर दिया है:जोन-1: 300 किलोमीटर तक की दूरी के लिए – 54 रुपये प्रति एमएमबीटीयू (मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट)।जोन-2: 300 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए – 102.86 रुपये प्रति एमएमबीटीयू।सबसे बड़ी राहत यह है कि सीएनजी और घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं के लिए पूरे देश में केवल जोन-1 का टैरिफ (54 रुपये/एमएमबीटीयू) लागू होगा, चाहे गैस स्रोत कितनी भी दूर क्यों न हो। पहले की व्यवस्था में कई शहरों में ट्रांसपोर्टेशन चार्ज 80 से 107 रुपये तक था, जो अब घटकर 54 रुपये हो जाएगा। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को करीब 50% तक की कमी मिलेगी।पीएनजीआरबी के सदस्य ए.के. तिवारी ने बताया कि यह बदलाव सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) सेक्टर के लिए सालाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत करेगा, जो सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाएगी। बोर्ड ने सीजीडी कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बचत का पूरा लाभ ग्राहकों को दिया जाए, और इसका अनुपालन कड़ाई से मॉनिटर किया जाएगा।

उपभोक्ताओं को कितना फायदा? सीएनजी: वाहन चालकों, खासकर ऑटो रिक्शा, टैक्सी और बस ऑपरेटर्स को 1.25 से 2.50 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बचत। घरेलू पीएनजी: रसोई गैस उपयोग करने वाले परिवारों को 0.90 से 1.80 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम) या औसतन 2-3 रुपये प्रति यूनिट की राहत।यह बदलाव देश के 312 भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने वाली 40 सीजीडी कंपनियों के माध्यम से लागू होगा। महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, लखनऊ, बेंगलुरु आदि में सीएनजी और पीएनजी का इस्तेमाल ज्यादा होने से यहां के लाखों परिवारों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला? यह कदम "वन नेशन, वन ग्रिड, वन टैरिफ" के विजन को साकार करने के लिए उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य:क्लीन फ्यूल (सीएनजी और पीएनजी) के उपयोग को बढ़ावा देना।क्षेत्रीय असमानताओं को खत्म करना।पर्यावरण संरक्षण: वायु प्रदूषण कम करना और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन।गैस नेटवर्क का तेज विस्तार: ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक पीएनजी पहुंचाना।इससे ट्रांसपोर्ट और घरेलू सेक्टर में खर्च कम होगा, जिससे लोग अन्य जरूरतों पर ज्यादा खर्च कर सकेंगे। कुल मिलाकर, यह अर्थव्यवस्था के लिए एक बूस्टर साबित होगा और प्राकृतिक गैस की खपत बढ़ाने में मदद करेगा।

संभावित चुनौतियां या नुकसान हर अच्छे फैसले के कुछ पहलू चुनौतीपूर्ण भी होते हैं:औद्योगिक और पाइपलाइन ऑपरेटर्स: जोन-2 के उच्च टैरिफ से कुछ क्षेत्रों में उनकी लागत बढ़ सकती है, लेकिन आम उपभोक्ता (सीएनजी/पीएनजी) प्रभावित नहीं होंगे।अंतरराष्ट्रीय कीमतों का प्रभाव: अगर ग्लोबल गैस प्राइस बढ़े तो बचत कम हो सकती है, क्योंकि यह बदलाव केवल ट्रांसपोर्टेशन टैरिफ पर है, बेस प्राइस पर नहीं।लागू करने में शुरुआती दिक्कतें: बिलिंग सिस्टम अपडेट आदि से थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन यह अस्थायी होगी।फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि फायदे नुकसानों से कहीं ज्यादा हैं। यह फैसला गैस मार्केट को ज्यादा कुशल, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगा।नए साल 2026 की शुरुआत उपभोक्ताओं के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा की सौगात लेकर आएगी। अगर आप सीएनजी वाहन चलाते हैं या घर में पीएनजी इस्तेमाल करते हैं, तो जनवरी से आपकी जेब पर बोझ कम होगा!

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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