रोशनी के त्योहार दिवाली और धनतेरस से ठीक पहले सर्राफा बाजार में एक बिल्कुल नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। आमतौर पर त्योहारी सीजन में चमकने वाले सोने और चांदी के भाव इस बार लगातार नीचे गिर रहे हैं। पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो, राजस्थान में 24 कैरेट (स्टैंडर्ड) सोना 10,700 रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट चुका है। वहीं, चांदी के भाव में भी 44,000 रुपये प्रति किलोग्राम की ऐतिहासिक कमी आई है।
इतनी बड़ी गिरावट के बावजूद सर्राफा बाजार में ग्राहकों की वह भीड़ नजर नहीं आ रही है, जिसकी उम्मीद धनतेरस और दिवाली के समय की जाती है। आम खरीदार और निवेशक फिलहाल बाजार की चाल समझने की कोशिश कर रहे हैं और खरीदारी से बच रहे हैं।
जयपुर सर्राफा बाजार के ताजा भाव
जयपुर सर्राफा बाजार की ओर से जारी किए गए नए रेट्स के अनुसार, कीमती धातुओं की स्थिति इस प्रकार है:
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24 कैरेट (स्टैंडर्ड सोना): 1,42,200 रुपये प्रति 10 ग्राम
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22 कैरेट (जेवराती सोना): 1,31,400 रुपये प्रति 10 ग्राम
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18 कैरेट सोना: 1,10,800 रुपये प्रति 10 ग्राम
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14 कैरेट सोना: 88,100 रुपये प्रति 10 ग्राम
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चांदी: 1,84,800 रुपये प्रति किलोग्राम
त्योहारी सीजन में भी क्यों नहीं हो रही खरीदारी?
सोने-चांदी की सबसे ज्यादा बिक्री धनतेरस और दिवाली के मौके पर ही होती है, जिससे हर साल इन दिनों कीमतों में उछाल आता था। जयपुर सर्राफा एसोसिएशन के राकेश खंडेलवाल के मुताबिक, दिवाली से पहले दामों में इतनी बड़ी गिरावट पहले कभी नहीं देखी गई। इस भारी गिरावट ने न सिर्फ निवेशकों बल्कि बड़े कारोबारियों को भी हैरान कर दिया है।
बाजार में सुस्ती का मुख्य कारण ग्राहकों का 'वेट एंड वॉच' मोड में होना है। कई ग्राहकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में और गिरावट आ सकती है, जिसके चलते वे अपने खरीदारी के फैसले को लगातार टाल रहे हैं।
निवेशकों के लिए एक्सपर्ट की सलाह
बाजार के जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और आगे भी भाव गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जयपुर सर्राफा एसोसिएशन की सलाह है कि जो लोग इस समय सोने या चांदी में निवेश करने का मन बना रहे हैं, उन्हें केवल लंबी अवधि के नजरिए से ही पैसा लगाना चाहिए।
लगातार बदलते बाजार में कम समय के भीतर मुनाफा कमाने की सोच जोखिम भरी साबित हो सकती है। जल्दबाजी में की गई खरीदारी से बचने और भाव के स्थिर होने का इंतजार करने में ही समझदारी है। अब देखना यह है कि धनतेरस तक बाजार में कीमतों को लेकर स्थिरता आती है या यह गिरावट त्योहारी कारोबार को पूरी तरह से फीका कर देगी।