राजस्थान हाईकोर्ट ने एमएलए फंड गबन मामले में बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को बड़ी राहत दी है। जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने उन्हें जमानत दे दी है। करीब 9 महीने जेल में रहने के बाद आज शाम जयपुर सेंट्रल जेल से उनकी रिहाई हो सकती है।

हाईकोर्ट से मिली बड़ी कानूनी राहत

राजस्थान हाईकोर्ट से बहरोड़ क्षेत्र के पूर्व विधायक बलजीत यादव को आखिरकार एक बड़ी राहत मिल गई है। विधायक निधि (एमएलए फंड) में करोड़ों रुपये के गबन के आरोपों का सामना कर रहे यादव की जमानत याचिका को जस्टिस रवि चिरानिया की एकलपीठ ने मंजूर कर लिया है। करीब 9 महीने तक जयपुर सेंट्रल जेल में बंद रहने के बाद आज शाम लगभग 6 बजे उनकी रिहाई होने की पूरी संभावना है।

ईडी ने फरवरी में किया था गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी साल फरवरी 2026 में बलजीत यादव को गिरफ्तार किया था। उन पर अपने कार्यकाल के दौरान विधायक कोष से करीब 2.75 करोड़ रुपये के दुरुपयोग और गबन का गंभीर आरोप है। गिरफ्तारी के बाद से ही वे न्यायिक हिरासत में थे।

जेल में मोबाइल मिलने से अटक गई थी जमानत

यादव ने इससे पहले भी जमानत की कई कोशिशें की थीं। राजस्थान हाईकोर्ट से पहली याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, जेल में रहने के दौरान उनके पास से मोबाइल फोन बरामद होने का एक नया मामला सामने आ गया था। जेल प्रशासन की शिकायत पर जयपुर के लालकोठी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके चलते शीर्ष अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। अब हाईकोर्ट में दोबारा याचिका लगाने पर उन्हें यह कामयाबी मिली है।

पंचायत चुनावों के बीच समर्थकों में भारी उत्साह

बलजीत यादव की रिहाई ऐसे अहम समय में हो रही है जब बहरोड़ में तीसरे चरण के पंचायत चुनाव चल रहे हैं। बीते 3 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान हो चुका है, जबकि 5 नवंबर को पंच और सरपंच पदों के लिए वोटिंग होनी है। चुनाव से ठीक पहले पूर्व विधायक के जेल से बाहर आने की खबर से उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल है।