RUHS-रिम्स में प्रोफेसर भर्ती पर विवाद: स्क्रीनिंग कमेटी का मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने किया विरोध, CM से हस्तक्षेप की मांग

RUHS मेडिकल कॉलेज और रिम्स में प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर भर्ती के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी का राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) ने विरोध किया है।

Kashish Sain
Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 27, 2026 • 5:04 PM  7
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राजस्थान
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RUHS-रिम्स में प्रोफेसर भर्ती पर विवाद: स्क्रीनिंग कमेटी का मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने किया विरोध, CM से हस्तक्षेप की मांग
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27 Jun 2026
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RUHS-रिम्स में प्रोफेसर भर्ती पर विवाद: स्क्रीनिंग कमेटी का मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने किया विरोध, CM से हस्तक्षेप की मांग

राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS) मेडिकल कॉलेज, राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) और इससे संबद्ध अस्पतालों में प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RMCTA) ने इस भर्ती प्रक्रिया का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री को पत्र भेजकर कमेटी को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

तीन वरिष्ठ डॉक्टरों की बनाई गई स्क्रीनिंग कमेटी

मेडिकल एजुकेशन विभाग ने भर्ती प्रक्रिया के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की स्क्रीनिंग कमेटी गठित की है। इसमें—

  • डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्राचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज
  • डॉ. मोहनीश ग्रोवर, प्राचार्य, RUHS मेडिकल कॉलेज
  • डॉ. अजीत सिंह, ओएसडी, रिम्स

को सदस्य बनाया गया है।

यह कमेटी RUHS मेडिकल कॉलेज और रिम्स में प्रोफेसर एवं एसोसिएट प्रोफेसर पदों के लिए प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग करेगी। इन पदों के लिए ग्रुप-2 के प्रिंसिपल स्पेशलिस्ट और सीनियर स्पेशलिस्ट डॉक्टर आवेदन कर सकते हैं।

'लेटरल एंट्री' बताकर जताया विरोध

RMCTA के अध्यक्ष डॉ. धीरज जैफ ने कहा कि सरकार एक ओर रिम्स जैसे उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान विकसित करने की बात कर रही है, जहां उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, गुणवत्तापूर्ण मेडिकल शिक्षा और उच्च स्तरीय शोध की अपेक्षा की जाती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना अकादमिक शिक्षण अनुभव वाले ग्रुप-2 चिकित्सकों को सीधे प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर बनाना 'लेटरल एंट्री' जैसा कदम है, जो मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थानों की शैक्षणिक विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

RPSC से भर्ती की परंपरा का दिया हवाला

डॉ. जैफ ने कहा कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षक पदों पर नियुक्तियां हमेशा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के माध्यम से होती रही हैं। ऐसे में सीधे प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति की प्रक्रिया उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी, शोध कार्य कमजोर होगा और युवा चिकित्सकों के लिए करियर के अवसर भी कम हो जाएंगे।

सरकार से की ये मांग

RMCTA ने मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री से मांग की है कि वर्तमान स्क्रीनिंग कमेटी को निरस्त किया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की भर्ती प्रक्रिया को लागू नहीं किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि मेडिकल शिक्षकों की नियुक्ति पारदर्शी और स्थापित नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए।

Kashish Sain Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

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