अलवर जिला अस्पताल में हंगामा: गार्ड ने अटेंडेंट की कॉलर पकड़ी, नाइट सुपरवाइजर कमरे में सोता रहा
अलवर जिला अस्पताल में देर रात मरीजों के परिजनों और गार्ड्स के बीच जमकर विवाद हो गया। आरोप है कि गार्ड्स ने अटेंडेंट्स के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें वार्ड से बाहर निकाला।
राजस्थान के अलवर जिला अस्पताल में गुरुवार देर रात मरीजों के परिजनों और सुरक्षा गार्ड्स के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि गार्ड्स ने मरीजों के अटेंडेंट्स के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें वार्ड से जबरन बाहर निकाल दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा और तीखी नोकझोंक चलती रही।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब हंगामे के दौरान अस्पताल व्यवस्था संभालने वाले नाइट सुपरवाइजर अपने कमरे का दरवाजा बंद कर सोते रहे। बाद में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी।
परिजनों ने लगाए गार्ड्स पर बदसलूकी के आरोप
जाड़ला (कठूमर) निवासी सोनू ने बताया कि उनकी मां आंतों के संक्रमण के कारण पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। वह वार्ड में मां के पास बैठे थे, तभी गार्ड्स अटेंडेंट्स को बाहर निकालने पहुंचे।
सोनू का आरोप है कि विरोध करने पर गार्ड्स ने उनकी कॉलर पकड़ ली और उन्हें खींचते हुए वार्ड से बाहर निकाल दिया। इससे मौके पर विवाद बढ़ गया और अन्य परिजन भी विरोध करने लगे।
वहीं अजरका निवासी सतेंद्र कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी ब्रेन हेमरेज के चलते अस्पताल में भर्ती हैं। वह पत्नी के पास बैठे थे, तभी दो गार्ड्स आए और उनसे बदसलूकी करते हुए धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
नाइट सुपरवाइजर सोता रहा, डॉक्टर ने संभाली स्थिति
हंगामे के दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत थी, लेकिन आरोप है कि नाइट सुपरवाइजर रमेश चंद जाट अपने कमरे का दरवाजा बंद कर सो रहे थे।
शोर-शराबा बढ़ने पर ड्यूटी डॉक्टर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले सुपरवाइजर को जगाया और फिर गार्ड्स तथा परिजनों से बातचीत कर मामला शांत कराया। डॉक्टर की सूझबूझ से स्थिति नियंत्रण में आई और अस्पताल में व्यवस्था बहाल हुई।
परिजनों में नाराजगी
घटना के बाद मरीजों के परिजनों में काफी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना था कि अस्पताल में पहले ही मरीजों की देखभाल को लेकर तनाव रहता है, ऐसे में सुरक्षा कर्मियों का यह व्यवहार अस्वीकार्य है।
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से दोषी गार्ड्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीएमओ बोले- होगी निष्पक्ष जांच
मामले को लेकर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि घटना की जानकारी मिली है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या गार्ड की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि हंगामे के दौरान नाइट सुपरवाइजर अपने कमरे में क्यों सो रहे थे।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।