राजस्थान में बम धमकी का सनसनीखेज मामला: कोटा कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी, पुलिस और सेना ने परिसर खाली कराए, सघन सर्च ऑपरेशन जारी

राजस्थान के कोटा कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट को सोमवार सुबह बरेली से आई ईमेल में बम से उड़ाने की धमकी मिली। दोनों परिसरों को तुरंत खाली करवाया गया, सेना के जवान, बम डिस्पोजल स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की मदद से सघन तलाशी जारी है। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, साइबर सेल धमकी देने वाले की तलाश में जुटी है।

Mohit Parihar
Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor
December 8, 2025 • 1:18 PM  26
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राजस्थान में बम धमकी का सनसनीखेज मामला: कोटा कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी, पुलिस और सेना ने परिसर खाली कराए, सघन सर्च ऑपरेशन जारी
“राजस्थान में बम धमकी का सनसनीखेज मामला: कोटा कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी, पुलिस और सेना ने परिसर खाली कराए, सघन सर्च ऑपरेशन जारी”
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राजस्थान में बम धमकी का सनसनीखेज मामला: कोटा कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी, पुलिस और सेना ने परिसर खाली कराए, सघन सर्च ऑपरेशन जारी

जयपुर/कोटा, 8 दिसंबर 2025: राजस्थान में सोमवार को दो प्रमुख सरकारी संस्थानों को बम धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। कोटा जिला कलेक्ट्रेट और जयपुर हाईकोर्ट को "उड़ा देने" की धमकी भरी ईमेल प्राप्त होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। धमकी बरेली (उत्तर प्रदेश) से आई बताई जा रही है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल परिसरों को खाली करवा दिया और सेना के जवानों को भी सर्च ऑपरेशन में शामिल कर लिया। जांच एजेंसियां धमकी के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं, जबकि आम जनता में दहशत का माहौल है।

धमकी की टाइमलाइन: सुबह से शुरू हुई सनसनी सोमवार की सुबह करीब 7:30 बजे कोटा कलेक्ट्रेट को पहली धमकी मिली। ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि "कलेक्ट्रेट को बम से उड़ा दिया जाएगा।" यह जानकारी मिलते ही कोटा कलेक्टर पीयूष समारिया ने तुरंत पुलिस और सुरक्षा दलों को सूचित किया। कलेक्टर समारिया ने बताया, "सुबह 7:30 बजे धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कलेक्ट्रेट को उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। हमने फौरन सभी जरूरी कदम उठाए।" उनके अनुसार, ईमेल बरेली से ट्रेस किया गया है, लेकिन अभी तक भेजने वाले की पहचान नहीं हो सकी है।इसी बीच, जयपुर हाईकोर्ट को भी समान धमकी वाला ईमेल मिला। यहां धमकी दोपहर करीब 11 बजे के आसपास प्राप्त हुई, जिसमें कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात कही गई। हाईकोर्ट प्रशासन ने सूचना मिलते ही सुनवाई स्थगित कर दी और पूरे परिसर को खाली करवा दिया। दोनों जगहों पर धमकी के शब्दों में हिंसा और विस्फोट की स्पष्ट धमकी थी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई।

पुलिस और सेना की त्वरित कार्रवाई: परिसर खाली, सर्च ऑपरेशन में 100 से अधिक जवान धमकी मिलते ही राजस्थान पुलिस ने 'ऑपरेशन ब्लैकआउट' जैसी तत्परता दिखाई। कोटा कलेक्ट्रेट में सुबह 8 बजे से ही एंट्री बंद कर दी गई और मौजूद सभी कर्मचारियों, वकीलों व आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जयपुर हाईकोर्ट में भी दोपहर 11:30 बजे तक परिसर पूरी तरह खाली हो गया। पुलिस ने बम डिस्पोजल स्क्वायड (BD Squad), डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीमों को तैनात किया।सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारतीय सेना के जवानों को भी बुलाया गया। कोटा में 50 से अधिक आर्मी जवान स्निफर डॉग्स के साथ हर कोने की तलाशी ले रहे हैं, जबकि जयपुर में 60 जवानों की टीम हाईकोर्ट के हर कमरे, लाइब्रेरी और पार्किंग एरिया में सर्च कर रही है। कोटा एसपी विनीत कुमार ने कहा, "हमने पूरे परिसर को सील कर दिया है। सर्च ऑपरेशन में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है।"जयपुर हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल सुधा वर्मा ने बताया कि कोर्ट की सभी कार्यवाहियां स्थगित कर दी गई हैं और वकीलों व स्टाफ को घर भेज दिया गया है। "धमकी की गंभीरता को देखते हुए हमने सेंट्रल रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की मदद भी ली है। सेना के विशेषज्ञ स्निफर यूनिट के साथ जुटे हैं," उन्होंने कहा।

जांच का फोकस: बरेली से ईमेल, साइबर सेल अलर्ट पर प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों धमकियां एक ही आईपी एड्रेस से बरेली (उत्तर प्रदेश) से भेजी गईं। राजस्थान पुलिस की साइबर सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह होक्स (झूठी धमकी) हो सकती है, लेकिन इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा। कोटा कलेक्टर ने कहा, "ईमेल का विश्लेषण चल रहा है। हमारी प्राथमिकता जनता की सुरक्षा है।"पिछले कुछ महीनों में देशभर में सरकारी भवनों को मिली ऐसी धमकियों की संख्या बढ़ी है, जो अक्सर सोशल मीडिया या ईमेल के जरिए आती हैं। राजस्थान में यह पहला ऐसा मामला नहीं है, लेकिन दो प्रमुख संस्थानों को एक साथ निशाना बनाना चिंताजनक है।

 

Mohit Parihar Verified Public Figure • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.

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