दिल्ली से एक ही फ्लाइट में बैठकर बाड़मेर आएंगे कांग्रेस के 6 दिग्गज, पायलट- गहलोत की दिखेगी एकजुटता...!!

बाड़मेर में 26 मई 2025 को कांग्रेस की 'जय हिंद सभा' में अशोक गहलोत, सचिन पायलट सहित 6 दिग्गज नेता एकजुटता दिखाएंगे। सैनिकों के सम्मान और केंद्र-राज्य सरकार पर निशाना साधने के लिए आयोजित इस सभा में 10,000-15,000 लोग शामिल हो सकते हैं। गहलोत-पायलट की एकजुटता और गुटबाजी पर नजर रहेगी।

Ashok Shera
Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor
May 26, 2025 • 9:42 AM  2.7k
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दिल्ली से एक ही फ्लाइट में बैठकर बाड़मेर आएंगे कांग्रेस के 6 दिग्गज, पायलट- गहलोत की दिखेगी एकजुटता...!!
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26 May 2025
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दिल्ली से एक ही फ्लाइट में बैठकर बाड़मेर आएंगे कांग्रेस के 6 दिग्गज, पायलट- गहलोत की दिखेगी एकजुटता...!!

बाड़मेर, 26 मई 2025: भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के बाड़मेर जिला मुख्यालय पर आज, सोमवार को कांग्रेस पार्टी द्वारा एक विशाल 'जय हिंद सभा' का आयोजन किया जा रहा है। यह सभा वीरेंद्र धाम बालाजी फार्म में सुबह 11 बजे शुरू होगी और दोपहर 3 बजे तक चलेगी। इस आयोजन में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और स्थानीय नेताओं की सक्रिय भागीदारी इसे खास बनाती है। सभा के जरिए कांग्रेस न केवल सैनिकों के सम्मान में अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगी, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधेगी।

सभा में शामिल होने वाले प्रमुख नेता

इस 'जय हिंद सभा' में कांग्रेस के कई राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय नेता शामिल होंगे। इनमें शामिल हैं:

रणदीप सिंह सुरजेवाला: कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और राज्यसभा सांसद, जो सभा के मुख्य वक्ता होंगे।

सुखजिंदर सिंह रंधावा: राजस्थान कांग्रेस प्रभारी, जो पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

अशोक गहलोत: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जिनका राजस्थान की राजनीति में गहरा प्रभाव है।

सचिन पायलट: कांग्रेस महासचिव और पूर्व उपमुख्यमंत्री, जो युवा नेतृत्व का चेहरा हैं।

टीकाराम जूली: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, जो हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोल रहे हैं।

गोविंद सिंह डोटासरा: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, जो संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जुटे हैं।

स्थानीय स्तर पर, हरीश चौधरी (मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक) और उम्मेदाराम बेनीवाल (बाड़मेर-जैसलमेर सांसद) इस सभा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र से जुड़े कांग्रेस के अन्य बड़े नेता और पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

10,000-15,000 लोगों की भागीदारी का दावा, लेकिन सीटिंग कैपेसिटी 2500-3000 

बाड़मेर-जैसलमेर के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सभा से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि इस आयोजन में 10,000 से 15,000 लोग हिस्सा लेंगे। लेकिन सभा स्थल पर सीटिंग कैपेसिटी 2500 से 3000 लोगों की है ।उन्होंने कहा, "यह सभा न केवल सैनिकों के सम्मान और देशभक्ति का प्रतीक होगी, बल्कि यह बाड़मेर जैसे सीमावर्ती क्षेत्र की जनता की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर भी है।" बेनीवाल ने यह भी जोड़ा कि बाड़मेर ने हमेशा देशभक्ति और बलिदान में अग्रणी भूमिका निभाई है, और यह सभा उस भावना को और मजबूत करेगी।

कार्यक्रम का समय और यात्रा विवरण

सभा का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक वीरेंद्र धाम बालाजी फार्म में होगा। विशेष रूप से, इस सभा में शामिल होने के लिए रणदीप सुरजेवाला, सुखजिंदर रंधावा, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, गोविंद डोटासरा और टीकाराम जूली एक साथ दिल्ली से विशेष विमान से बाड़मेर के उत्तरलाई हवाई अड्डे पहुंचेंगे। सभा के बाद सभी नेता एक ही फ्लाइट से दिल्ली लौटेंगे। यह एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है, क्योंकि राजस्थान कांग्रेस में अक्सर गुटबाजी की खबरें सुर्खियों में रहती हैं।

कांग्रेस की रणनीति और मुद्दे

'जय हिंद सभा' का आयोजन कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी देशभर के 15 शहरों में 20 से 30 मई के बीच ऐसी सभाएं आयोजित कर रही है। बाड़मेर को राजस्थान में एकमात्र स्थान के रूप में चुना गया है, क्योंकि यह पाकिस्तान सीमा से सटा एक महत्वपूर्ण जिला है। सभा में कांग्रेस निम्नलिखित मुद्दों को उठाने की योजना बना रही है:

सैनिकों का सम्मान: भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन करना।

सीजफायर और केंद्र सरकार की चुप्पी: हाल ही में भारत-पाक सीजफायर को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना।

अमेरिका की भूमिका: सीजफायर में अमेरिका के कथित दखल पर केंद्र सरकार की खामोशी को लेकर निशाना साधना।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इन सभाओं के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें रिटायर्ड सैन्य अधिकारियों और स्थानीय जनता की भागीदारी को प्राथमिकता दी गई है।

गुटबाजी पर नजर: एकजुटता का संदेश या तनाव की आहट?

राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच गुटबाजी की खबरें चर्चा में रही हैं। इस सभा में दोनों नेताओं का एक साथ मंच साझा करना और दिल्ली से एक ही फ्लाइट से आना-जाना एकजुटता का संदेश देता है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि क्या मंच पर नेताओं के बीच कोई तनाव दिखाई देता है या वे एकजुट होकर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हैं। 

पिछले कुछ वर्षों में, खासकर 2020 में सचिन पायलट के बगावत के बाद, राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर सामने आई थी। हाल के महीनों में, पार्टी हाईकमान ने दोनों नेताओं को एक साथ लाने की कोशिश की है, जैसा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान देखा गया था, जब राहुल गांधी ने गहलोत और पायलट को साथ रखकर एकजुटता का संदेश दिया था।

स्थानीय नेताओं की भूमिका
बाड़मेर के स्थानीय नेता, खासकर हरीश चौधरी और उम्मेदाराम बेनीवाल, इस सभा को सफल बनाने में जुटे हैं। हरीश चौधरी, जो बायतु से विधायक हैं और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी भी हैं, ने सभा की तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, बेनीवाल, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद चुने गए, इस आयोजन को क्षेत्र की जनता के लिए महत्वपूर्ण बता रहे हैं।


कांग्रेस नेताओं ने रविवार को वीरेंद्र धाम बालाजी फार्म में सभा स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। जिला प्रमुख महेंद्र चौधरी और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी भी इस दौरान मौजूद रहे। विशाल डोम, मंच और बैठने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया गया है।

राजनीतिक महत्व

बाड़मेर में आयोजित यह सभा न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के नाते, बाड़मेर में सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाकर कांग्रेस केंद्र की बीजेपी सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। साथ ही, यह सभा राजस्थान में पार्टी के कार्यकर्ताओं में जोश भरने और संगठन को मजबूत करने का भी प्रयास है।


बाड़मेर की 'जय हिंद सभा' कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां पार्टी न केवल अपनी देशभक्ति की छवि को मजबूत करना चाहती है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ अपनी आवाज को और बुलंद करना चाहती है। सभी बड़े नेताओं का एक साथ आना एकजुटता का संदेश देता है, लेकिन मंच पर उनकी बॉडी लैंग्वेज और संबोधन पर सभी की नजर रहेगी। क्या यह सभा कांग्रेस की एकता को प्रदर्शित करेगी या गुटबाजी की छाया फिर हावी होगी? इसका जवाब आज दोपहर तक मिल जाएगा।

Ashok Shera Official | Verified Expert • 11 Jun, 2026 Editor

"द खटक" एडिटर-इन-चीफ

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