राजस्थान में कम बारिश और खरीफ की फसलों को हुए भारी नुकसान को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने प्रदेश के 14 जिलों की 80 तहसीलों को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त (drought-affected) घोषित कर दिया है। इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

जोधपुर, जालोर और बाड़मेर सबसे ज्यादा प्रभावित

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, सूखे की सबसे ज्यादा मार जोधपुर जिले पर पड़ी है, जहां की 12 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इसके बाद जालोर और बाड़मेर का नंबर आता है, जहां 10-10 तहसीलें सूखे की चपेट में हैं।

69 तहसीलें गंभीर श्रेणी में

नोटिफिकेशन के मुताबिक, सूखाग्रस्त घोषित की गई कुल 80 तहसीलों में से 69 तहसीलों को 'गंभीर' (severely affected) श्रेणी में रखा गया है। वहीं, 11 तहसीलों को 'मध्यम' (moderately affected) रूप से सूखाग्रस्त माना गया है।

किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत

यह घोषणा अगले 6 महीने तक प्रभावी रहेगी। सरकार के इस फैसले से प्रभावित क्षेत्रों में मवेशियों के लिए तुरंत चारा डिपो खोलने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे पशुपालकों को संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, किसानों को राहत देते हुए यह तय किया गया है कि अगले 6 महीने तक किसी भी किसान से कृषि ऋण (agricultural loans) की वसूली नहीं की जाएगी।