बिना इंटरव्यू के सीधे मिलेगी सरकारी नौकरी? राजस्थान के युवाओं के लिए आने वाला है अब तक का सबसे बड़ा फैसला

राजस्थान सरकार 4200 ग्रेड-पे तक की सरकारी भर्तियों (Rajasthan Govt Jobs) में इंटरव्यू खत्म करने पर विचार कर रही है। इससे सब-इंस्पेक्टर (SI) समेत 16 भर्तियों की चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी। जानिए इस बड़े बदलाव से जुड़ी पूरी डिटेल।

yashaswani
yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor
September 5, 2026 • 4:52 PM  1.7k
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बिना इंटरव्यू के सीधे मिलेगी सरकारी नौकरी? राजस्थान के युवाओं के लिए आने वाला है अब तक का सबसे बड़ा फैसला
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बिना इंटरव्यू के सीधे मिलेगी सरकारी नौकरी? राजस्थान के युवाओं के लिए आने वाला है अब तक का सबसे बड़ा फैसला

राजस्थान में सरकारी नौकरी (Sarkari Naukri) की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आ रही है। चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार 4200 ग्रेड-पे (4200 Grade-Pay) तक की सरकारी भर्तियों में इंटरव्यू (साक्षात्कार) की अनिवार्यता को पूरी तरह से खत्म करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो सब-इंस्पेक्टर (SI) सहित राज्य की कई अहम भर्तियों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

कार्मिक और विधि विभाग में चल रहा मंथन

इस अहम बदलाव को लेकर कार्मिक विभाग (DOP) में हलचल तेज हो गई है। प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और वर्तमान में विधि विभाग इसके कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का गहराई से परीक्षण कर रहा है। विधि और न्याय मंत्री जोगाराम पटेल ने इस मुद्दे पर कहा है कि सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जो भी अंतिम फैसला लिया जाएगा, वह प्रदेश के युवाओं और आमजन के हित में होगा।

युवाओं की लंबी मांग- खत्म हो भ्रष्टाचार और पक्षपात

प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से सब-इंस्पेक्टर (SI) और इसके समकक्ष पदों की भर्ती से इंटरव्यू हटाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि इंटरव्यू प्रक्रिया में अक्सर पक्षपात, धांधली और भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती है। खासकर साल 2021 की SI भर्ती में हुए पेपर लीक और टॉपर्स के इंटरव्यू मार्किंग विवाद के बाद यह मांग और भी तेज हो गई थी। युवा चाहते हैं कि चयन केवल लिखित परीक्षा और मेरिट के आधार पर हो।

केंद्र और 23 राज्य पहले ही कर चुके हैं लागू

आपको बता दें कि यह कोई नया प्रयोग नहीं है। केंद्र सरकार ने साल 2016 में ही 4200 ग्रेड-पे तक की अधिकांश नॉन-गजेटेड (अराजपत्रित) भर्तियों से इंटरव्यू की व्यवस्था को समाप्त कर दिया था। इसके बाद हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा समेत देश के करीब 23 राज्यों ने भी अपने यहां कई भर्तियों में इंटरव्यू की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब राजस्थान भी इसी राह पर आगे बढ़ रहा है।

प्रस्ताव पास हुआ तो इन 16 भर्तियों पर पड़ेगा सीधा असर

अगर सरकार इस प्रस्ताव को हरी झंडी देती है, तो राज्य की लगभग 16 प्रकार की भर्तियों की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • सब-इंस्पेक्टर (Police SI)

  • प्लाटून कमांडर

  • तहसीलदार और नायब तहसीलदार

  • डिप्टी जेलर

  • देवस्थान, सहकारिता, आबकारी और उद्योग विभाग के पद

  • खाद्य एवं आपूर्ति, बाल विकास और सामाजिक न्याय विभाग की भर्तियां

  • कॉलेज और संस्कृत शिक्षा विभाग के सहायक आचार्य, लाइब्रेरियन, पीटीआई (PTI)

  • कनिष्ठ विधि अधिकारी (JLO) और विधि रचनाकार

सरकार के सामने क्या है सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती?

इस बड़े बदलाव को लागू करने में एक तकनीकी पेंच भी फंसा हुआ है। दरअसल, वर्तमान में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और आबकारी जैसे कई विभागों के पद राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित राज्य अधीनस्थ सेवा (RAS) की संयुक्त भर्ती परीक्षा के माध्यम से भरे जाते हैं। इनमें से कई पदों का ग्रेड-पे 3600 से 4200 के बीच है, लेकिन चयन प्रक्रिया संयुक्त होती है, जिसमें इंटरव्यू शामिल है।

अब सरकार और विभागों के बीच सबसे बड़ा मंथन इस बात पर हो रहा है कि क्या केवल कुछ चुनिंदा अधीनस्थ पदों को इस संयुक्त प्रक्रिया (इंटरव्यू) से बाहर किया जाएगा, या फिर पूरी भर्ती संरचना (RPSC Examination Structure) में ही बदलाव किया जाएगा? RAS और अधीनस्थ सेवाओं की परीक्षा को अलग-अलग करना प्रशासनिक रूप से कितना संभव है, विधि विभाग इस पहलू की भी जांच कर रहा है।

फिलहाल, प्रदेश के लाखों युवाओं की नजरें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। अगर यह फैसला लागू होता है, तो यह राजस्थान की भर्ती प्रणाली में एक ऐतिहासिक सुधार माना जाएगा।

yashaswani Verified Public Figure • 17 Aug, 2026 Sub Editor

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