शाम 7:45 बजे बजेंगे सायरन… अचानक छा जाएगा अंधेरा—क्या है इस ब्लैकआउट ड्रिल के पीछे की वजह?”

शाम होते ही अचानक सायरन गूंजेगा… और कुछ ही पलों में चारों तरफ अंधेरा छा जाएगा। दरअसल, यह किसी खतरे की नहीं बल्कि एक बड़ी मॉक ड्रिल का हिस्सा है, जिसे आपात स्थिति से निपटने की तैयारी के तौर पर किया जा रहा है। तय समय पर लोगों को लाइटें बंद करने और घरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभ्यास न सिर्फ प्रशासन की तैयारियों को परखेगा, बल्कि आम लोगों को भी सिखाएगा कि किसी हवाई हमले या आपदा जैसी स्थिति में कैसे सतर्क रहना है। सवाल यही है—क्या हम ऐसी किसी स्थिति के लिए सच में तैयार हैं?

TEAM KHATAK
TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor
April 21, 2026 • 12:26 PM  22
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राजस्थान
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शाम 7:45 बजे बजेंगे सायरन… अचानक छा जाएगा अंधेरा—क्या है इस ब्लैकआउट ड्रिल के पीछे की वजह?”
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शाम 7:45 बजे बजेंगे सायरन… अचानक छा जाएगा अंधेरा—क्या है इस ब्लैकआउट ड्रिल के पीछे की वजह?”

क्यों हो रही है मॉक ड्रिल?

राजस्थान के अलवर जिले में नागरिक सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने के लिए आज शाम मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह अभ्यास संभावित हवाई हमले, ड्रोन अटैक या अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सिर्फ सरकारी एजेंसियों की तैयारी को परखना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक करना है, ताकि किसी भी संकट के समय वे घबराने के बजाय सही कदम उठा सकें।

कहां और कब होगा अभ्यास?

मॉक ड्रिल का आयोजन बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय में किया जाएगा। इसके बाद शाम 7:45 बजे से आसपास के सीमित क्षेत्रों—कर्मचारी कॉलोनी, अशोक विहार और रेलवे पुलिया के नजदीकी इलाकों—में ब्लैकआउट लागू किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ब्लैकआउट पूरे शहर में नहीं बल्कि केवल तय क्षेत्रों में ही रहेगा, ताकि लोगों को बिना घबराए अभ्यास का अनुभव कराया जा सके।

सायरन बजते ही क्या करें?

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सायरन बजते ही घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे ही सायरन सुनाई दे—

  • घर, दुकान और वाहनों की सभी लाइट तुरंत बंद कर दें
  • घर के अंदर ही सुरक्षित रहें
  • बिना जरूरत के बाहर न निकलें
  • सोशल मीडिया या अफवाहों से दूर रहें

यह अभ्यास पूरी तरह से नियंत्रित और सुरक्षित है, इसलिए लोगों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

ब्लैकआउट के दौरान रखें ये सावधानियां

ब्लैकआउट के दौरान छोटी-छोटी लापरवाहियां भी जोखिम बढ़ा सकती हैं, इसलिए प्रशासन ने कुछ जरूरी सावधानियां बताई हैं।
माचिस, मोबाइल फ्लैश या टॉर्च का इस्तेमाल न करें और यह सुनिश्चित करें कि खिड़कियों या दरवाजों से बाहर कोई रोशनी न जाए। अगर कोई व्यक्ति वाहन चला रहा हो तो वह तुरंत सड़क किनारे रुककर लाइट बंद कर दे।
इसके अलावा धूम्रपान से बचने, अनावश्यक आवाजाही न करने और किसी भी तरह की भगदड़ से दूर रहने की सलाह दी गई है, ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रित बनी रहे।

आपात स्थिति में कैसे करें बचाव?

अगर वास्तविक आपात स्थिति जैसी परिस्थिति बनती है, तो लोगों को शांत रहकर सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें
  • मोबाइल या रेडियो के जरिए सरकारी अलर्ट सुनते रहें
  • घर में कम से कम तीन दिन का पीने का पानी और सूखा भोजन रखें
  • प्राथमिक उपचार किट, जरूरी दवाइयां और महत्वपूर्ण दस्तावेज पहले से तैयार रखें

यह तैयारी किसी भी अनहोनी के समय आपके और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

सायरन के संकेत क्या होंगे?

प्रशासन ने सायरन के अलग-अलग संकेतों के बारे में भी जानकारी दी है, ताकि लोग उन्हें पहचान सकें।

  • ड्रोन या हवाई हमले का संकेत: 2 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज वाला सायरन
  • खतरा टलने का संकेत: 2 मिनट तक एक समान आवाज वाला सायरन

इन संकेतों को समझना बेहद जरूरी है, ताकि सही समय पर सही प्रतिक्रिया दी जा सके।

प्रशासन की अपील और हेल्पलाइन

जिला प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं और तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।
जरूरत पड़ने पर नागरिक सुरक्षा कंट्रोल रूम से इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:

क्यों जरूरी है यह अभ्यास?

ऐसी मॉक ड्रिल का मकसद सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाना है। जब आम नागरिक पहले से तैयार रहते हैं, तो किसी भी आपदा के समय नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यह अभ्यास प्रशासन और जनता के बीच समन्वय को मजबूत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि भविष्य में किसी भी खतरे का सामना मिलकर और समझदारी से किया जा सके।

TEAM KHATAK Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Editor

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