सोशल मीडिया की स्टार या अश्लीलता की मल्लिका?'रेखा डॉन' को मिली लाइक्स की जगह लातें
जोधपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर 'रेखा डॉन' की सड़क पर बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ, उन पर अश्लील सामग्री और अभद्र भाषा का आरोप है। घायल रेखा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
राजस्थान के जोधपुर में एक बार फिर सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ा एक विवाद सुर्खियों में है। 'रेखा डॉन' के नाम से चर्चित महिला के साथ सड़क पर बेरहमी से मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना शहर में उस समय हुई जब कुछ महिलाओं ने रेखा पर अश्लील सामग्री फैलाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए उसे निशाना बनाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रेखा को बाल पकड़कर घसीटते और पीटते हुए देखा जा सकता है। इस हिंसक घटना ने स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया और सोशल मीडिया पर नैतिकता और हिंसा को लेकर बहस छेड़ दी है।
रेखा डॉन कौन हैं?
रेखा डॉन, जिनका असली नाम अभी स्पष्ट नहीं है, मूल रूप से बीकानेर जिले के देशनोक की निवासी हैं। पिछले कुछ वर्षों से वह जोधपुर में रह रही हैं और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करीब 1.5 लाख फॉलोअर्स हैं, जहां वह नियमित रूप से विभिन्न प्रकार के वीडियो अपलोड करती हैं। स्थानीय लोगों और उनके आलोचकों का आरोप है कि उनके वीडियो में अश्लीलता, गाली-गलौज और असभ्य व्यवहार देखने को मिलता है, जिसके कारण वह अक्सर विवादों में रहती हैं। हाल ही में, रेखा ने एक वीडियो में स्वयं के साथ बलात्कार होने का गंभीर आरोप लगाया था और अपने समुदाय से मदद की अपील की थी। हालांकि, इस अपील का कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला, जिससे विवाद और बढ़ गया।
मारपीट की घटना और अस्पताल में भर्ती
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं रेखा को सड़क पर घसीट रही हैं और उनकी बेरहमी से पिटाई कर रही हैं। इस हमले में रेखा को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है, लेकिन इस घटना ने उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची और रेखा की शिकायत पर एक प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि वह सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।