घास काट रही महिलाओं के सामने अचानक खुला पिंजरा, खूंखार बाघ ने पल भर में महिला को नोच डाला!
जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (Nahargarh Biological Park) में भारी लापरवाही। घास काटने गई महिला सफाईकर्मी सुगना देवी पर बाघ 'शिवाजी' ने किया जानलेवा हमला, मौके पर मौत। परिजनों ने किया हंगामा, 1 करोड़ मुआवजे की मांग। पढ़ें पूरी खबर।
राजधानी जयपुर के आमेर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। बुधवार सुबह पार्क में बाड़े की सफाई और घास काटने गई एक महिला मजदूर पर टाइगर 'शिवाजी' ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मृतक महिला की पहचान 42 वर्षीय सुगना देवी के रूप में हुई है, जो जमवा रामगढ़ के नांगल सुसावतान गांव की रहने वाली थीं। मृतका की बड़ी बहन कमला देवी ने इस मंजर की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार सुबह करीब 9 बजे 7 महिलाएं बाघ शिवाजी के एन्क्लोजर (बाड़े) में घास काटने के लिए घुसी थीं।
उस वक्त बाघ अपने पिंजरे (कराल) में बंद था। लेकिन जैसे ही महिलाएं अंदर गईं, किसी ने अचानक पिंजरे का गेट खोल दिया और बाघ शिवाजी बाहर आ गया। बाघ को देखते ही महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। पांच महिलाएं किसी तरह बाहर की ओर भागीं और एक पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। सुगना देवी ने भी एन्क्लोजर के जाल पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन बाघ ने उन्हें नीचे खींच लिया और मौत के घाट उतार दिया। वन विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि दोपहर 12 बजे तक महिला का शव बाड़े के अंदर ही पड़ा रहा।
आक्रोशित परिजनों का हंगामा, 1 करोड़ मुआवजे की मांग
हादसे की खबर मिलते ही सायवाड़ के पूर्व सरपंच राजेन्द्र बुनकर समेत जमवारामगढ़ क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंच गए। गुस्साए परिजनों और सहकर्मियों ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि सुगना देवी का पति दिव्यांग है और उनके दो बच्चे हैं। सुगना ही अपने परिवार में कमाने वाली इकलौती सदस्य थीं। ग्रामीणों ने दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल: नाहरगढ़ में घटनाओं की लंबी फेहरिस्त
नाहरगढ़ पार्क में लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। आज की इस घटना ने पुराने मामलों की यादें ताजा कर दी हैं:
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5 साल पहले: बाघिन रंभा ने केयरटेकर मुन्ना पर हमला कर दिया था, जिसमें मुन्ना की एक उंगली बाघिन ने चबा ली थी।
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अप्रैल 2022: एक भालू अपना पिंजरा तोड़कर पार्क से बाहर निकल गया था।
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दिसंबर 2025: टाइगर सफारी बस में आग लगने से पर्यटकों के बीच अफरा-तफरी मच गई थी।
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अप्रैल 2026: पार्क से बार्किंग डियर (काकड़) गायब हो गया था। इसके अलावा टाइगर सफारी से तारा नाम की शेरनी भी कुछ दिनों के लिए लापता हो गई थी।
नाहरगढ़ में लगातार बढ़ रहा है बाघों का कुनबा
आपको बता दें कि नाहरगढ़ देश का एकमात्र ऐसा बायोलॉजिकल पार्क है, जहां रेस्क्यू सेंटर, सफारी और जू तीनों एक ही परिसर में मौजूद हैं। हाल ही में इस साल अप्रैल में 'रानी' नामक बाघिन ने 5 शावकों को जन्म दिया था, जिससे पार्क में बाघों की संख्या बढ़कर 14 (कुल 15 बाघ) हो गई है। इनमें दो सफेद बाघ (White Tigers) भी शामिल हैं। युवा बाघों को एक किलोमीटर के सुरक्षित दायरे में रखा गया है। बाघों के सफल प्रजनन से जहां एक ओर यह पार्क आकर्षण का केंद्र बन रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी जानलेवा लापरवाही पर्यटकों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है।
फिलहाल वन विभाग के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं। आधिकारिक बयान आने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।