जयपुर के बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक कूलर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 40 फायर ब्रिगेड ने 4 घंटे बाद काबू पाया

जयपुर के बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक कूलर बनाने वाली तीन मंजिला फैक्ट्री (मालिक: रमेश लखवानी) में सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। फैक्ट्री में कई गैस सिलेंडर होने से विस्फोट का खतरा मंडराया, लेकिन 40 से अधिक फायर ब्रिगेड गाड़ियों, TTL वाहन और जेसीबी की मदद से 4 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। 11 कमर्शियल सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकाले गए। फैक्ट्री के सभी कूलर जल गए, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। चार लोग अंदर सो रहे थे जो सुरक्षित बाहर निकले। फायर फाइटिंग उपकरण एक्सपायरी मिले, ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। जांच जारी है।

Mar 6, 2026 - 11:57
जयपुर के बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र में प्लास्टिक कूलर बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 40 फायर ब्रिगेड ने 4 घंटे बाद काबू पाया

जयपुर। राजधानी जयपुर के बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र में एक तीन मंजिला प्लास्टिक कूलर और पंखा बनाने वाली फैक्ट्री में आज सुबह भीषण आग लग गई। फैक्ट्री के अंदर कई गैस सिलेंडर होने से स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी, लेकिन गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा या जनहानि नहीं हुई। आग बुझाने में करीब 4 घंटे से अधिक समय लगा और इस दौरान 40 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगातार प्रयासरत रहीं।

फैक्ट्री का नाम और मालिक

यह फैक्ट्री कूलर और पंखे बनाने का काम करती है और इसकी मालिकाना हक रमेश लखवानी के पास है। इमारत तीन मंजिला है, जिसमें प्लास्टिक से बने कूलरों का भारी स्टॉक रखा हुआ था। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पूरी फैक्ट्री में फैल गईं और ऊपरी मंजिल पर रखे गैस सिलेंडरों से विस्फोट का खतरा मंडरा रहा था।

आग बुझाने के प्रयास

सूचना मिलते ही बिंदायका, बगरू, झोटवाड़ा और मानसरोवर सहित आसपास के इलाकों से फायर ब्रिगेड की 40 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा निजी पानी के टैंकरों की भी मदद ली गई। आग की तीव्रता को देखते हुए जयपुर फायर ब्रिगेड का विशेष वाहन टर्नटेबल लैडर (TTL) भी बुलाया गया, जिसकी मदद से तीन मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।

सिविल डिफेंस के कर्मचारियों ने फैक्ट्री से 11 कमर्शियल गैस सिलेंडर सफलतापूर्वक बाहर निकाले, जिससे बड़ा विस्फोट टल गया। दमकलकर्मियों ने जेसीबी मशीन की मदद से फैक्ट्री के पिछले हिस्से को तोड़कर अंदर तक पहुंच बनाई और आग बुझाने का काम तेज किया। आखिरकार चार घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

हानि और नुकसान

फैक्ट्री में रखे लगभग सभी प्लास्टिक कूलर जलकर खाक हो गए। इमारत के अंदर का अधिकांश सामान प्रभावित हुआ, लेकिन कोई व्यक्ति घायल या मृत नहीं हुआ। फैक्ट्री के अंदर सो रहे चार लोग सुरक्षित बाहर निकले। स्थानीय निवासी कोमल ने बताया कि सुबह उन्होंने आग की लपटें देखीं और दरवाजा खटखटाने पर चार लोग बाहर निकले। उन्होंने कहा, "हम सो रहे थे, हमें आग का पता ही नहीं चला।"

प्रारंभिक जांच और सुरक्षा लापरवाही

बिंदायका थाना प्रभारी राजेश वर्मा के अनुसार, प्राथमिक जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, फैक्ट्री में कमर्शियल सिलेंडर मिलने और आग बुझाने के उपकरणों की जांच भी की जा रही है। मौके पर जांच के दौरान पता चला कि फैक्ट्री में लगाए गए कई फायर फाइटिंग उपकरण एक्सपायरी डेट के थे, जो सुरक्षा मानकों की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

ट्रैफिक और इलाके पर असर

आग की घटना के कारण बिंदायका औद्योगिक क्षेत्र के आसपास के रास्ते सुरक्षा के मद्देनजर बंद कर दिए गए थे। यातायात को डायवर्ट किया गया, जिससे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। धुएं के गुबार से दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.