‘महिलाएं दफ्तर में नहाने को मजबूर’, दिल्ली के पानी संकट पर भड़के मनीष सिसोदिया
दिल्ली के दक्षिणपुरी इलाके में पिछले एक महीने से जारी पानी संकट को लेकर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
देश की राजधानी Delhi में पानी संकट को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। दक्षिणपुरी इलाके के ब्लॉक-10 में पिछले एक महीने से जारी पानी की भारी किल्लत ने हजारों लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि दक्षिणपुरी के करीब 5,000 निवासी लंबे समय से पानी संकट का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हालात इतने खराब हैं कि कई महिलाओं को नहाने के लिए अपने कार्यस्थल पर अनुमति लेनी पड़ रही है, जबकि लोगों को रोज पानी के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता है।
मनीष सिसोदिया ने सरकार को बताया नाकाम
Manish Sisodia ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि दिल्ली की हालत बेहद खराब हो चुकी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि एक महीने से हजारों लोग परेशान हैं और महिलाओं को दफ्तरों में नहाने तक की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार प्रचार और सोशल मीडिया इमेज बनाने में व्यस्त है।
प्रधानमंत्री और दिल्ली सरकार पर साधा निशाना
AAP नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री और दिल्ली सरकार दोनों पर सवाल उठाए हैं। Manish Sisodia ने कहा कि दिल्ली की जनता को एक “भ्रष्ट और नाकारा सरकार” के भरोसे छोड़ दिया गया है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष कर रही है, जबकि सरकार रील और प्रचार बनाने में लगी हुई है।
अरविंद केजरीवाल ने भी जताई चिंता
Arvind Kejriwal ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि देश की राजधानी में लोगों को पानी के लिए इस तरह परेशान होना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग पहले से ही महंगाई और बढ़ती कीमतों से परेशान हैं, और अब पानी संकट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर भी हमला
पानी संकट के साथ-साथ Arvind Kejriwal ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई है, जिसे उन्होंने “स्लो पॉइजन” बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रूस और ईरान भारत को सस्ता तेल देने के लिए तैयार हैं, तो उसका फायदा आम जनता तक क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा।
लोगों की बढ़ती परेशानी
दक्षिणपुरी के स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की सप्लाई बेहद अनियमित हो चुकी है। कई परिवारों को पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सुबह से ही महिलाएं और बच्चे पानी भरने के लिए कतारों में लग जाते हैं, लेकिन कई बार पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
इलाके के लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
राजधानी में बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
दक्षिणपुरी का यह मामला राजधानी में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। पानी जैसी जरूरी सुविधा के लिए लोगों का संघर्ष यह दिखाता है कि बढ़ती आबादी और जरूरतों के मुकाबले व्यवस्थाएं कमजोर पड़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते जल प्रबंधन और वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में दिल्ली के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।